Modi Naturals का FY27 तक ₹950 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य, इथेनॉल विस्तार मुख्य वजह
Modi Naturals ने वित्तीय वर्ष 2027 तक ₹950 करोड़ का महत्वाकांक्षी रेवेन्यू लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसका मुख्य आधार इथेनॉल उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा है।
इथेनॉल क्षमता दोगुनी, कंज्यूमर ग्रोथ पर भी जोर
Modi Naturals ने अपनी इथेनॉल उत्पादन क्षमता को 130 KL प्रति दिन से बढ़ाकर 282 KLPD कर दिया है। हालांकि, बढ़ी हुई क्षमता का कमर्शियल ऑपरेशन FY26 के अंत में शुरू हुआ है, लेकिन इसका पूरा वित्तीय असर FY27 से दिखने की उम्मीद है। कंपनी का कंज्यूमर डिवीजन भी मजबूत रहा, जिसने रिकॉर्ड तिमाही रेवेन्यू ₹50 करोड़ दर्ज किया, जिसमें पास्ता की बिक्री विशेष रूप से अच्छी रही।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार देखा गया है, वर्किंग कैपिटल डेज़ 66 से घटकर 62 हो गए हैं, और ऑपरेशन से कैश फ्लो बढ़कर ₹61.1 करोड़ हो गया है। कंपनी ने पीलीभीत में एक गैर-व्यवहार्य सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्लांट को बंद करने और पिछली मशीनरी खराबी के लिए ₹4.9 करोड़ का इंश्योरेंस सेटलमेंट प्राप्त करने की भी सूचना दी है।
ग्रोथ के मुख्य ड्राइवर और वित्तीय आउटलुक
बढ़ी हुई इथेनॉल क्षमता को भविष्य के विकास का मुख्य इंजन माना जा रहा है। मैनेजमेंट का FY27 के लिए ₹950 करोड़ का रेवेन्यू अनुमान नई क्षमता के केवल 50% उपयोग पर आधारित है, जो उच्च कमाई की संभावना दर्शाता है। इथेनॉल व्यवसाय का लक्ष्य 12% से 15% के बीच टिकाऊ EBITDA मार्जिन हासिल करना है। साथ ही, कंज्यूमर सेगमेंट को अपने तेल और खाद्य उत्पाद लाइनों में विकास के सहारे मीडियम-टर्म में ₹500 करोड़ के रेवेन्यू तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
स्ट्रैटेजिक रीअलाइनमेंट और भविष्य के निवेश
Modi Naturals अपने ऑपरेशंस को लगातार ऑप्टिमाइज़ कर रहा है। पीलीभीत प्लांट का बंद होना इथेनॉल और कंज्यूमर गुड्स जैसे उच्च-विकास वाले क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की एक रणनीतिक बदलाव का संकेत देता है, और कम उत्पादक संपत्तियों से दूरी बनाने की ओर इशारा करता है। कंपनी इथेनॉल उप-उत्पादों के लिए वैल्यू-एडिशन प्रोजेक्ट में ₹20 करोड़ के निवेश की भी योजना बना रही है।
इंडस्ट्री की चुनौतियों का सामना
मैनेजमेंट स्वीकार करता है कि इंडस्ट्री-व्यापी इथेनॉल ओवरकैपेसिटी एक महत्वपूर्ण जोखिम है। हालांकि, उनका मानना है कि उनकी लागत संरचना और भौगोलिक स्थिति उन्हें प्रतिस्पर्धी बढ़त देती है। कंपनी कंज्यूमर डिवीजन के भीतर एक्जीक्यूशन रिस्क को भी एक प्रमुख चिंता के रूप में देखती है।
आगे क्या देखना है?
निवेशक बढ़ी हुई इथेनॉल क्षमता के उपयोग दरों पर बारीकी से नजर रखेंगे और यह देखेंगे कि क्या कंपनी इस सेगमेंट के लिए अपने लक्षित 12-15% EBITDA मार्जिन को प्राप्त करती है। कंज्यूमर डिवीजन, विशेष रूप से इसके खाद्य उत्पादों की वृद्धि और लाभप्रदता भी महत्वपूर्ण होगी। एक्जीक्यूशन जोखिमों का सफलतापूर्वक प्रबंधन करना और प्रतिस्पर्धी इथेनॉल बाजार में आगे बढ़ना Modi Naturals के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
