Manugraph India Share Price: मुनाफे से घाटे में कंपनी! ₹88.64 करोड़ रेवेन्यू के बावजूद ₹1.23 करोड़ का नेट लॉस

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AuthorMehul Desai|Published at:
Manugraph India Share Price: मुनाफे से घाटे में कंपनी! ₹88.64 करोड़ रेवेन्यू के बावजूद ₹1.23 करोड़ का नेट लॉस
Overview

Manugraph India को मार्च 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में ₹1.23 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। पिछले साल कंपनी ने ₹0.44 करोड़ का मुनाफा कमाया था। हालांकि, एसेट बेचने और सेल्स से कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹88.64 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹59.35 करोड़ था।

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Manugraph India का FY26 में घाटा, रेवेन्यू में शानदार ग्रोथ

Manugraph India को 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर में ₹1.23 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी ने ₹0.44 करोड़ का मुनाफा कमाया था। इसके बावजूद, कंपनी के रेवेन्यू में जोरदार बढ़ोतरी देखी गई, जो FY26 में बढ़कर ₹88.64 करोड़ हो गया, जबकि FY25 में यह ₹59.35 करोड़ था। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से एसेट की बिक्री (asset disposals) और अन्य सेल्स के कारण हुई है।

फाइनेंशियल परफॉरमेंस का विश्लेषण

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 19 मई, 2026 को ऑडिट किए गए फाइनेंशियल नतीजों को मंजूरी दी। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, Manugraph India ने टैक्स के बाद ₹123.20 लाख का नेट लॉस दर्ज किया, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 के ₹43.57 लाख के नेट प्रॉफिट के बिल्कुल उलट है। FY26 में ऑपरेशन्स से रेवेन्यू ₹8,863.70 लाख (₹88.64 करोड़) रहा, जो FY25 के ₹5,934.82 लाख (₹59.35 करोड़) से ज्यादा है। FY26 में टैक्स से पहले का प्रॉफिट (Profit before tax) ₹4.29 लाख था, जबकि FY25 में यह ₹47.93 लाख था।

स्ट्रेटेजिक एसेट मैनेजमेंट

Manugraph India ने अपने एसेट्स का सक्रिय रूप से प्रबंधन किया है। अपने Kolhapur Unit II के सभी मूवेबल एसेट्स, जिन्हें पहले बेचने के लिए चिह्नित किया गया था, उन्हें डिस्पोज कर दिया गया है। इससे कंपनी को ₹218.75 लाख का गेन हुआ। इसके अलावा, यूनिट 1 पर फैक्ट्री की 2 एकड़ जमीन को 'बिक्री के लिए रखी गई नॉन-करंट एसेट' (Non-current Asset held for sale) के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसका मूल्य ₹644.09 लाख है। कंपनी का मुख्य व्यवसाय इंजीनियरिंग सेगमेंट में बना हुआ है।

प्रॉफिटेबिलिटी और जोखिमों का विश्लेषण

हालांकि एसेट की बिक्री से बूस्ट हुआ रेवेन्यू ग्रोथ सेल्स एक्टिविटी के लिए एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन प्रॉफिट से लॉस में बदलाव अंदरूनी ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी पर चिंताएं पैदा करता है। Manugraph India के लिए मुख्य जोखिम यह है कि रेवेन्यू ग्रोथ की सस्टेनेबिलिटी तब तक बनी रहेगी जब तक यह लगातार प्रॉफिट में तब्दील नहीं होती, खासकर यदि एसेट की बिक्री सिर्फ एक बार की घटना (one-off event) है। निवेशक कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर करीब से नजर रखेंगे।

मुख्य मेट्रिक्स और भविष्य का दृष्टिकोण

पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए, ऑपरेशन्स से रेवेन्यू ₹59.35 करोड़ से बढ़कर ₹88.64 करोड़ हो गया। हालांकि, नेट प्रॉफिट की स्थिति FY25 के ₹0.44 करोड़ के प्रॉफिट से बदलकर FY26 में ₹1.23 करोड़ के लॉस में आ गई। निवेशकों को कंपनी की अपने मुख्य ऑपरेशन्स में प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए और किसी भी आगे की एसेट डिवेस्टमेंट पर नजर रखनी चाहिए।

नोट: कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर एक अनमॉडिफाइड ओपिनियन (unmodified opinion) जारी किया है, जो अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स के अनुपालन को दर्शाता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.