बंपर रेवेन्यू और प्रॉफिट से BLS International मालामाल
BLS International Services Ltd ने अपने FY26 के नतीजों से निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में ₹2,998 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 36.7% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) 34.1% बढ़कर ₹724 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा, EBITDA में भी 30.1% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹819 करोड़ रहा।
कॉन्ट्रैक्ट्स की झड़ी और भविष्य की राह
यह शानदार प्रदर्शन कंपनी के बढ़ते बिजनेस ऑपरेशन्स और ग्रोथ प्लांस को दिखाता है। कंपनी के पास 31 मार्च 2026 तक ₹1,434 करोड़ का नेट कैश बैलेंस है, जो भविष्य के डेवलपमेंट और शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाने के लिए काफी अहम है।
बड़े प्रोजेक्ट्स पर मिली जीत
BLS International ने हाल ही में कई बड़े प्रोजेक्ट्स अपने नाम किए हैं। इनमें UIDAI (Unique Identification Authority of India) से आधार सेवा केंद्रों के लिए ₹2,055.35 करोड़ का एक बड़ा वर्क ऑर्डर शामिल है। इसके अलावा, बिहार सरकार ने भी कंपनी को परमानेंट एनरोलमेंट सेंटर्स के लिए ₹100 करोड़ का प्रोजेक्ट दिया है। कंपनी ने चीन में अपने ऑपरेशन्स के लिए 3 साल का वीज़ा आउटसोर्सिंग कॉन्ट्रैक्ट भी जीता है और भारत के विदेश मंत्रालय के साथ अपने अटेस्टेशन और अपोस्टिल सर्विसेज कॉन्ट्रैक्ट को रिन्यू किया है।
कंपनी की स्ट्रेटेजी और परफॉर्मेंस
BLS International की मुख्य स्ट्रेटेजी सर्विसेज को डाइवर्सिफाई करने और ग्लोबल प्रेजेंस बढ़ाने पर केंद्रित है, खासकर सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स, वीज़ा प्रोसेसिंग और सिटीजन सर्विसेज पर। FY26 के लिए कंपनी के प्रमुख फाइनेंशियल मेट्रिक्स में EBITDA मार्जिन 27.3% और PAT मार्जिन 24.1% रहा। FY26 की चौथी तिमाही में रेवेन्यू ₹815 करोड़ (17.6% YoY ग्रोथ) और PAT ₹187 करोड़ (28.7% YoY ग्रोथ) रहा।
संभावित जोखिम
हालांकि कंपनी का प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भरता और अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स पर असर डालने वाले भू-राजनीतिक कारक जैसे संभावित जोखिम बने हुए हैं। ग्रोथ बनाए रखने के लिए लगातार टेंडर्स में आक्रामक बोली लगाना कंपनी के लिए जरूरी होगा।
