iSERA Lifesciences Ltd के स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव हुआ है। शेयर स्वैप के जरिए हुए प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के बाद कंपनी का टोटल इक्विटी बेस **84.09 लाख** शेयरों से उछलकर **245.92 लाख** शेयर हो गया है।
क्या हुआ है कंपनी में?
iSERA Lifesciences Ltd ने SEBI (SAST) रेगुलेशंस के तहत प्रमोटर धैर्यशील वसंतराव यादव की होल्डिंग में बदलाव की जानकारी दी है। 1 अक्टूबर, 2026 को पूरा हुए इस प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के बाद, कंपनी की कुल इक्विटी कैपिटल में भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है। प्रमोटर ने अपने पास मौजूद शेयरों की संख्या 11.15 लाख से बढ़ाकर 15.65 लाख जरूर की है, लेकिन कुल इक्विटी बेस बढ़ने के कारण उनकी प्रतिशत हिस्सेदारी 13.26% से घटकर 6.37% रह गई है।
निवेशकों पर क्या असर होगा?
माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव है। हालाँकि प्रमोटर ने 4,50,500 नए शेयर हासिल किए हैं, लेकिन कंपनी द्वारा जारी किए गए बहुत बड़े वॉल्यूम के कारण उनकी वोटिंग पावर कम हो गई है।
आगे क्या देखना जरूरी है?
कंपनी का कैपिटल स्ट्रक्चर अब पूरी तरह बदल गया है। निवेशकों को यह समझना होगा कि इस शेयर स्वैप के जरिए किस तरह की एसेट्स एक्वायर की गई हैं। भविष्य के Earnings Per Share (EPS) और Return on Equity (ROE) के आंकड़ों पर इसका असर पड़ना तय है, क्योंकि गणना के लिए डिनोमिनेटर काफी बढ़ गया है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि क्या यह विस्तार लंबी अवधि में वैल्यू क्रिएट करेगा या सिर्फ डाइल्यूशन बनकर रह जाएगा।
