Zydus Lifesciences की सब्सिडियरी Zylidac Bio ने Prolific Machines के साथ हाथ मिलाया है। इस पार्टनरशिप का मकसद अत्याधुनिक ऑप्टोजेनेटिक्स टेक्नोलॉजी के जरिए जटिल बायोलॉजिक्स का उत्पादन बड़े पैमाने पर करना है।
क्या है यह नई टेक्नोलॉजी?
Zylidac Bio अब अपनी मौजूदा बायो-रिएक्टर्स में Prolific Machines की खास ऑप्टोजेनेटिक्स-इनेबल्ड तकनीक को शामिल करेगी। यह तकनीक 'लाइट-बेस्ड प्रोटीन कंट्रोल' का उपयोग करती है, जिससे मल्टी-स्पेसिफिक एंटीबॉडीज जैसे जटिल बायोलॉजिक्स के प्रोडक्शन में बेहतर यील्ड और क्वालिटी मिलती है।
CDMO सेक्टर में मजबूती
इस साझेदारी से Zydus को कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन (CDMO) मार्केट में बढ़त मिलेगी। अब कंपनी अपने क्लाइंट्स को लैब स्तर से लेकर कमर्शियल GMP स्केल तक की पूरी सर्विस एक ही छत के नीचे दे पाएगी, जिससे क्लाइंट्स को अलग से इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश नहीं करना पड़ेगा।
आगे का रोडमैप क्या है?
एमेरीविले, कैलिफोर्निया में स्थित ये दोनों कंपनियां सबसे पहले 50-लीटर के स्केल पर टेक्नोलॉजी ट्रांसफर शुरू करेंगी। अगर यह चरण सफल रहता है, तो इसे 250-लीटर और फिर पूर्ण कमर्शियल GMP प्रोडक्शन तक ले जाया जाएगा, जिसमें ड्रग सब्सटेंस मैन्युफैक्चरिंग से लेकर पैकेजिंग तक का काम शामिल होगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को अब 50-लीटर वाले शुरुआती ट्रायल की सफलता और इसके बाद क्लाइंट्स के रिस्पांस पर नजर रखनी होगी। इस नई तकनीक के जरिए कंपनी कितनी कुशलता से प्रोडक्शन कॉस्ट घटाती है और यील्ड बढ़ाती है, वही इसके लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का मुख्य आधार होगा।
