Zydus Lifesciences: लिवर की गंभीर बीमारी MASH के इलाज में मिली बड़ी कामयाबी, क्लीनिकल ट्रायल सफल

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Zydus Lifesciences: लिवर की गंभीर बीमारी MASH के इलाज में मिली बड़ी कामयाबी, क्लीनिकल ट्रायल सफल

Zydus Lifesciences के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी ने अपनी दवा Saroglitazar Magnesium के लिए global EVIDENCES-X Phase II(b) ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। यह दवा MASH और फाइब्रोसिस के इलाज में प्लेसबो (placebo) की तुलना में **26.5%** अधिक प्रभावी साबित हुई है।

ट्रायल के शानदार नतीजे

इस 52 सप्ताह लंबे स्टडी में अमेरिका, तुर्की और अर्जेंटीना के 189 मरीजों को शामिल किया गया था। ट्रायल का मुख्य लक्ष्य (primary endpoint) स्टीटोहेपेटाइटिस (steatohepatitis) को फाइब्रोसिस के बिना ठीक करना था, जिसमें कंपनी ने 26.5% का ट्रीटमेंट डिफरेंस हासिल कर एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है।

क्यों अहम है यह कदम?

MASH एक ऐसी क्रोनिक लिवर बीमारी है, जिसके लिए दुनियाभर में बहुत कम इलाज मौजूद हैं। इस ग्लोबल मल्टी-सेंटर ट्रायल में सफलता हासिल करके Zydus ने इंटरनेशनल रेगुलेटर्स के सामने अपनी दवा की क्षमता को साबित कर दिया है। यह डेटा आने वाले समय में ग्लोबल रेगुलेटरी अप्रूवल के लिए एक मजबूत नींव का काम करेगा।

रेगुलेटरी स्थिति और चुनौतियां

Saroglitazar Magnesium भारत में 2020 से ही MASH और MASLD के इलाज के लिए अप्रूव्ड है। हालांकि, अमेरिका और यूरोप में यह अभी भी एक 'इन्वेस्टिगेशनल' दवा है। इसे FDA या EMA से मंजूरी मिलना अभी बाकी है, जिसके लिए कंपनी को अभी लंबी रेगुलेटरी प्रक्रिया से गुजरना होगा।

निवेशकों के लिए जोखिम

हालांकि ट्रायल के नतीजे सकारात्मक हैं, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि Phase II(b) की सफलता अमेरिका या यूरोप में फाइनल मंजूरी की गारंटी नहीं है। आगे के Phase III ट्रायल्स ज्यादा महंगे और कठिन होंगे। यदि कंपनी भविष्य में बड़े सैंपल साइज के साथ इन परिणामों को दोहरा नहीं पाती है, तो इसके ग्रोथ प्लान पर असर पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.