Wockhardt के शेयरधारकों ने कंपनी के लिए **₹3,000 करोड़** तक की पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह कंपनी के ग्रोथ प्लान का संकेत है। वहीं, सब्सिडियरी Wockhardt Bio AG में एक बड़े लीडरशिप अपॉइंटमेंट पर **36.91%** शेयरधारकों ने असहमति जताई है।
Wockhardt जुटाएगी ₹3,000 करोड़ तक की पूंजी
फार्मा कंपनी Wockhardt के शेयरधारकों ने ₹3,000 करोड़ तक की भारी-भरकम पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी है। यह पैसा कंपनी पब्लिक या प्राइवेट ऑफरिंग, जैसे क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशंस प्लेसमेंट (QIP) के जरिए जुटा सकती है।
सब्सिडियरी को मिली हरी झंडी, पर एक नियुक्ति पर अटका मामला
इसके साथ ही, शेयरधारकों ने कंपनी की सब्सिडियरी कंपनियों के साथ होने वाले रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स (RPTs) को भी हरी झंडी दे दी है। इसमें Wockhardt Bio AG के लिए ₹1,000 करोड़, CP Pharmaceuticals के लिए ₹550 करोड़, और Wockhardt UK के लिए ₹550 करोड़ तक के ट्रांजैक्शन शामिल हैं। कंपनी ने कॉस्ट ऑडिटर की फीस के लिए ₹0.00385 करोड़ की मंजूरी भी ले ली है।
क्या है चिंता का कारण?
हालांकि, Wockhardt Bio AG में सुश्री ज़हाबीया खोरकीवाला की एग्जीक्यूटिव को-चेयरपर्सन के पद पर नियुक्ति को लेकर 36.91% शेयरधारकों ने विरोध जताया है। यह मामला कंपनी के गवर्नेंस को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ा सकता है।
क्यों अहम है यह फैसला?
पूंजी जुटाने की यह मंजूरी Wockhardt के विस्तार की योजनाओं और परिचालन को मजबूत करने की मंशा को दर्शाती है। RPTs की मंजूरी ग्रुप की कंपनियों के बीच वित्तीय तालमेल और संचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन, सब्सिडियरी में लीडरशिप अपॉइंटमेंट पर भारी असहमति, भविष्य में गवर्नेंस से जुड़े सवाल खड़े कर सकती है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजरें अब इस बात पर होंगी कि Wockhardt जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कैसे करती है। साथ ही, कंपनी सब्सिडियरी में लीडरशिप नियुक्ति पर उठे सवालों का जवाब कैसे देती है, यह भी देखना अहम होगा। भविष्य के वित्तीय नतीजे कंपनी की विस्तार योजनाओं की सफलता को दर्शाएंगे।
