Windlas Biotech ने FY26 में किया ₹904 करोड़ का रिकॉर्ड रेवेन्यू!
Windlas Biotech Limited ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2026 के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने रिकॉर्ड सालाना रेवेन्यू ₹904 करोड़ दर्ज किया है, जो पिछले साल की तुलना में 19% की जोरदार बढ़ोतरी है। इस दौरान कंपनी का रिपोर्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹66 करोड़ रहा।
रेवेन्यू में आया उछाल, ये हैं मुख्य वजहें:
कंपनी का कहना है कि यह शानदार ग्रोथ उसके जेनेरिक फॉर्मूलेशन CDMO (Contract Development and Manufacturing Organization) सेगमेंट से आई है, जिसने ₹664 करोड़ का रेवेन्यू दिया (जो 20% बढ़ा है)। वहीं, ट्रेड जेनेरिक्स और इंस्टीट्यूशनल सेगमेंट से ₹195 करोड़ ( 13% ग्रोथ) और एक्सपोर्ट वर्टिकल से ₹46 करोड़ ( 40% ग्रोथ) का रेवेन्यू आया है। FY26 के लिए रिपोर्टेड PAT ₹66 करोड़ रहा, जबकि एडजस्टेड PAT ₹83 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी ने ₹105 करोड़ का नेट ऑपरेटिंग कैश फ्लो भी जेनरेट किया और साल के अंत में ₹251 करोड़ की नेट लिक्विडिटी के साथ खत्म किया।
शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर:
कंपनी ने ₹6.3 प्रति शेयर के डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है। हाल ही में ₹47 करोड़ के बायबैक (Buyback) को पूरा करने के बाद, यह शेयरहोल्डर्स को रिटर्न देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
क्षमता विस्तार पर तेज रफ्तार:
Windlas Biotech अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है। प्लांट 6 का काम मैकेनिकल रूप से पूरा हो चुका है और इसके FY27 की पहली छमाही में कमर्शियलाइज होने की उम्मीद है। इससे कुल क्षमता लगभग ₹1,100 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
आगे क्या?
FY27 में प्लांट 6 के कमर्शियलाइजेशन के साथ, कंपनी आगे भी क्षमता-संचालित ग्रोथ के लिए तैयार है। कंपनी ट्रेड जेनेरिक्स सेगमेंट में कुछ कोडाइन-आधारित प्रोडक्ट्स के बंद होने से आई नरमी को लिक्विड्स और एंजाइम जैसे वैकल्पिक प्रोडक्ट्स पेश करके भरने की कोशिश कर रही है।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए:
हालांकि कंपनी का प्रदर्शन मजबूत है, लेकिन निवेशकों को ट्रेड जेनेरिक्स सेगमेंट में प्रोडक्ट बंद होने से संभावित उतार-चढ़ाव पर ध्यान देना चाहिए। API (Active Pharmaceutical Ingredient) के इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी भी एक फैक्टर है, हालांकि कंपनी के पास कॉस्ट-पास-थ्रू एग्रीमेंट हैं। बढ़ती वैश्विक मांगों को पूरा करने के लिए कड़े रेगुलेटरी और क्वालिटी स्टैंडर्ड्स बनाए रखना भी ज़रूरी होगा।
