Viyash Scientific ने 2032 के लिए बड़ा लक्ष्य रखा है, कंपनी $1 बिलियन (लगभग ₹8,300 करोड़) रेवेन्यू और $250 मिलियन (लगभग ₹2,000 करोड़) EBITDA का आंकड़ा छूना चाहती है। कंपनी ने मर्जर के बाद मजबूत EBITDA ग्रोथ दर्ज की है और इटली में एक अधिग्रहण समेत कई रणनीतिक खरीदारियों की भी योजना बनाई है।
Viyash Scientific की 2032 तक $1 बिलियन रेवेन्यू की ओर नज़र
FY26 के लिए Viyash Scientific ने 34,203 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 7,025 करोड़ रुपये का EBITDA अनुमानित किया है।
निवेशकों के लिए खास: कंपनी के मार्जिन में दमदार ग्रोथ और लंबी अवधि के स्पष्ट लक्ष्य सकारात्मक हैं, लेकिन रेगुलेटरी ऑडिट्स पर निर्भरता एक महत्वपूर्ण पहलू है जिस पर नज़र रखनी होगी।
क्या हुआ है?
Viyash Scientific ने अपनी महत्वाकांक्षी दीर्घकालिक योजनाओं का खुलासा किया है। कंपनी का लक्ष्य 2032 तक लगभग $1 बिलियन (करीब ₹8,300 करोड़) का रेवेन्यू और $250 मिलियन (करीब ₹2,000 करोड़) का EBITDA हासिल करना है। FY26 के लिए, कंपनी ने 34,203 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 7,025 करोड़ रुपये का EBITDA अनुमानित किया है। यह FY24 से FY26 के बीच 13% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ और 60% की सालाना EBITDA ग्रोथ को दर्शाता है।
यह क्यों मायने रखता है?
ये लक्ष्य कंपनी के ऑपरेशन्स को बढ़ाने, लाभप्रदता में सुधार करने और रणनीतिक विस्तार पर ज़ोर देते हैं। कंपनी ने मर्जर के बाद फंक्शन्स के सफल एकीकरण, संयुक्त खरीद और अपने कंपेनियन एनिमल सेगमेंट को बढ़ावा देने के लिए इटली में एक नई अधिग्रहण, Bio For Life, का भी उल्लेख किया है।
अब तक की कहानी
FY24 में, Viyash Scientific ने 26,807 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 2,739 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया था। कंपनी ने लगातार टॉप-लाइन ग्रोथ और EBITDA में पर्याप्त वृद्धि दिखाई है, जो बेहतर ऑपरेटिंग लेवरेज और सफल लागत प्रबंधन का संकेत देता है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी सक्रिय रूप से ऑर्गेनिक तरीकों और रणनीतिक अधिग्रहणों के माध्यम से विकास कर रही है। इटली अधिग्रहण से कंपेनियन एनिमल मार्केट और 85-90 प्रोडक्ट्स के पोर्टफोलियो तक पहुंच मिलने की उम्मीद है। फोकस हाई-पोटेंट एपीआई (API) और जटिल फॉर्मूलेशन पर है, जो उच्च-मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स की ओर बदलाव का संकेत देता है।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
एक मुख्य चिंता कंपनी की रेगुलेटरी ऑडिट्स, जैसे USFDA और EU-GMP, पर निर्भरता है। इन ऑडिट्स के किसी भी प्रतिकूल परिणाम से ऑपरेशन्स पर असर पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, भविष्य का विकास मार्केट ट्रेंड्स पर निर्भर करेगा, विशेष रूप से एनिमल हेल्थ सेक्टर में जेनेरिक्स (Genericization) के बढ़ते प्रचलन पर।
पीयर तुलना
हालांकि फाइलिंग में विशिष्ट पीयर डेटा प्रदान नहीं किया गया था, FY26 के लिए Viyash Scientific का एनिमल फॉर्मूलेशन (45%), एपीआई + सीडीएमओ (API + CDMO) (43%), और ह्यूमन फॉर्मूलेशन (12%) में विविध रेवेन्यू मिश्रण एक संतुलित बिजनेस मॉडल का सुझाव देता है। यह विविधीकरण किसी एक सेगमेंट से जुड़े जोखिमों को कम कर सकता है।
प्रासंगिक मेट्रिक्स (समय-आधारित)
- FY26 अनुमानित रेवेन्यू: 34,203 करोड़ रुपये
- FY26 अनुमानित EBITDA: 7,025 करोड़ रुपये
- FY24 रेवेन्यू: 26,807 करोड़ रुपये
- FY24 EBITDA: 2,739 करोड़ रुपये
- सालाना रेवेन्यू ग्रोथ (FY24-FY26): 13%
- सालाना EBITDA ग्रोथ (FY24-FY26): 60%
- 2032 का लक्ष्य रेवेन्यू: ~$1 बिलियन
- 2032 का लक्ष्य EBITDA: ~$250 मिलियन
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को इटली में Bio For Life अधिग्रहण का सफल एकीकरण और प्रदर्शन, मर्जर से सिनर्जी लाभों की प्राप्ति, और कंपनी की महत्वाकांक्षी 2032 विकास लक्ष्यों को पूरा करने की क्षमता पर नज़र रखनी चाहिए। EBITDA मार्जिन का लगातार विस्तार एक प्रमुख संकेतक होगा।
