Vijaya Diagnostic Centre ने Q1 FY27 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **22.8%** बढ़कर **₹231 करोड़** पर पहुंच गया है। वहीं, EBITDA में **34%** की बढ़ोतरी हुई है और मार्जिन बढ़कर **42.7%** हो गया है। कंपनी **₹190-195 करोड़** के बड़े निवेश से अपने नेटवर्क का विस्तार करने की योजना बना रही है।
Vijaya Diagnostic Centre: विस्तार और बेहतर मार्जिन से Q1 FY27 में दमदार ग्रोथ
कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹231 करोड़
रेवेन्यू ग्रोथ (YoY): 22.8%
Vijaya Diagnostic Centre Ltd. ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 22.8% बढ़कर ₹231 करोड़ हो गया है। इस ग्रोथ में टेस्ट वॉल्यूम में 16.5% की बढ़ोतरी, बेहतर टेस्ट मिक्स और प्राइसिंग का अहम योगदान रहा।
क्या हुआ खास?
कंपनी ने ₹98 करोड़ का EBITDA पोस्ट किया है, जो पिछले साल की तुलना में 34% ज्यादा है। EBITDA मार्जिन 360 बेसिस पॉइंट सुधरकर 42.7% पर पहुंच गया है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹53 करोड़ रहा, जो 23% मार्जिन दर्शाता है। मैनेजमेंट का कहना है कि उनका इंटीग्रेटेड B2C मॉडल, जिसमें रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी दोनों शामिल हैं, प्रति मरीज रेवेन्यू को ₹1,860 तक ले जा रहा है।
यह क्यों मायने रखता है?
यह नतीजे Vijaya Diagnostic की इंटीग्रेटेड B2C स्ट्रैटेजी की सफलता को दर्शाते हैं, जिससे उन्हें स्टैंडअलोन पैथोलॉजी सेवाओं की तुलना में प्रति मरीज ज्यादा रेवेन्यू मिल रहा है। वॉल्यूम और एक्सपेंशन के साथ मार्जिन बढ़ाने की क्षमता कंपनी के मजबूत ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन और प्राइसिंग पावर को साबित करती है।
बैकस्टोरी
Q1 FY27 तक, Vijaya Diagnostic 166 सेंटरों का संचालन कर रही है, जिसमें 51 हब और 115 स्पोक सेंटर शामिल हैं। कंपनी के पास ₹330 करोड़ की सरप्लस कैश के साथ एक मजबूत बैलेंस शीट है, जिसका इस्तेमाल महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं के लिए किया जाएगा।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी ने अगले 12 महीनों के लिए विस्तार की योजना बनाई है, जिसमें 9 नए हब सेंटर और 10-12 स्पोक सेंटर चालू करने का लक्ष्य है। इस ग्रोथ फेज को ₹190 करोड़ से ₹195 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) से सपोर्ट मिलेगा।
ध्यान रखने योग्य जोखिम
नई साइटों के चयन और सेंटरों को स्केल-अप करने सहित विस्तार का एग्जीक्यूशन एक महत्वपूर्ण पहलू रहेगा। इसके अलावा, डेटा मोनेटाइजेशन से भविष्य के रेवेन्यू की संभावनाएं फिलहाल रेगुलेटरी और प्राइवेसी संबंधी चिंताओं के कारण सीमित हैं।
पीयर कम्पेरिजन
मैनेजमेंट ने मौजूदा क्लस्टर से ऑपरेटिंग लीवरेज के कारण 40% से ऊपर EBITDA मार्जिन बनाए रखने का भरोसा जताया है। इंटीग्रेटेड मॉडल से प्रति मरीज ₹1,860 का रेवेन्यू, प्योर-प्ले पैथोलॉजी चेन की तुलना में एक कॉम्पिटिटिव एडवांटेज का संकेत देता है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशक नए हब और स्पोक सेंटरों के विस्तार की योजनाओं के एग्जीक्यूशन और इस ग्रोथ फेज के दौरान 40% से ऊपर EBITDA मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे।
