Vijaya Diagnostic Centre ने वित्त वर्ष **2026** के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **20.3%** बढ़कर **₹173 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि कंपनी ने अपने नेटवर्क विस्तार की आक्रामक योजनाएं भी साझा की हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस की मुख्य बातें
कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए FY26 में ₹1,730 मिलियन का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल ₹1,438 मिलियन था। वहीं, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 19.5% की बढ़त के साथ ₹8,142 मिलियन तक पहुंच गया है। कंपनी ने 41.4% का मजबूत EBITDA मार्जिन बरकरार रखा है।
डिविडेंड और ESOP का तोहफा
नतीजों के साथ-साथ, बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹2 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। साथ ही, कंपनी टैलेंट रिटेंशन को बढ़ावा देने के लिए ESOP पूल को बढ़ाकर 36,25,000 ऑप्शन करने का प्रस्ताव भी लाई है।
विस्तार की नई योजनाएं
कंपनी का B2C सेगमेंट रेवेन्यू में 92% का बड़ा योगदान दे रहा है। फिलहाल 162 सेंटर्स के साथ, कंपनी का फोकस अब बेंगलुरु, पुणे और पश्चिम बंगाल में अपनी पैठ और मजबूत करने पर है। कंपनी ने FY27 के लिए 8-9 नए हब सेंटर और 10-12 स्पोक सेंटर खोलने का लक्ष्य रखा है।
तकनीक पर जोर
Vijaya Diagnostic अब हाई-एंड टेक्नोलॉजी जैसे 3T MRI और PET-CT मशीनों में निवेश बढ़ा रही है। हैदराबाद के पंजगुट्टा जैसे हब में लैब ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के जरिए काम को तेजी और सटीकता से करने की कोशिश की जा रही है।
रिस्क और आगे का नजरिया
हालांकि ग्रोथ की राह साफ दिख रही है, लेकिन निवेशकों को डायग्नोस्टिक मार्केट में बढ़ती कॉम्पिटिशन पर नजर रखनी चाहिए। नई जगहों पर विस्तार की सफलता और स्पेशलाइज्ड मेडिकल प्रोफेशनल्स को बनाए रखना कंपनी के लिए भविष्य में सबसे बड़ी चुनौती और अवसर दोनों होगा।
