Venus Remedies ने सितंबर तिमाही के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹19.24 करोड़** से बढ़कर **₹28.96 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी की जर्मन सब्सिडियरी से जुड़े ऑडिटर्स के ऑब्जर्वेशन पर गौर करना होगा।
मुनाफे में जोरदार उछाल
कंपनी के हालिया नतीजों के मुताबिक, Q2 FY27 में ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर ₹218.76 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹192.65 करोड़ था। वहीं, कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹25.65 करोड़ दर्ज किया गया है, जो पिछले साल ₹20.13 करोड़ था।
ऑडिटर्स की चेतावनी और 'Emphasis of Matter'
नतीजों के साथ ही कंपनी के ऑडिटर्स, J.K. Jain & Associates ने एक जरूरी 'Emphasis of Matter' नोट जारी किया है। यह मामला जर्मनी स्थित सब्सिडियरी 'Venus Pharma GmbH' में लगी ₹28.60 करोड़ की शेयर एप्लीकेशन मनी से जुड़ा है। कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि जर्मन कानून के तहत शेयरों का अलॉटमेंट अनिवार्य नहीं है और वे वहां रिस्ट्रक्चरिंग पर काम कर रहे हैं, लेकिन यह विषय निवेशकों के लिए निगरानी का केंद्र बना हुआ है।
इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी में बदलाव
कंपनी ने अपनी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) के डेप्रिसिएशन शेड्यूल में भी बदलाव किया है। Ind AS 38 के तहत एसेट्स की लाइफ की समीक्षा के बाद खर्चों में ₹2.77 करोड़ की बढ़ोतरी देखी गई है। अब निवेशक कंपनी के यूरोपियन ऑपरेशंस में चल रहे बदलाव और फंड्स की रिकवरी पर नजर बनाए हुए हैं।
