Valiant Laboratories की FY 2025-26 की रिपोर्ट में बड़ा सुधार दिखा है। कंपनी ने **₹81.47 करोड़** के राइट्स इश्यू के बाद खुद को कर्ज मुक्त कर लिया है और standalone स्तर पर मुनाफा कमाया है।
मुनाफे की राह पर Valiant Laboratories
कंपनी के हालिया एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, Valiant Laboratories ने अपने ऑपरेशंस में जबरदस्त बदलाव किए हैं। कंपनी ने पिछले साल के ₹2.15 करोड़ के नुकसान की तुलना में इस बार ₹5.55 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। वहीं, standalone रेवेन्यू में 62.75% की जोरदार बढ़ोतरी हुई है, जो ₹217.04 करोड़ तक पहुंच गया है।
कर्ज मुक्ति और नई शुरुआत
अगस्त 2025 में लाए गए ₹81.47 करोड़ के राइट्स इश्यू का इस्तेमाल कंपनी ने अपने टर्म बोरिंग्स को चुकाने में किया है, जिससे अब कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त हो गई है। इसके अलावा, गुजरात के सायखा में स्थित नई यूनिट (VASPL) में प्रोडक्शन शुरू होने से कंपनी को अपने मुख्य पैरासिटामोल API बिजनेस में बैकवर्ड इंटीग्रेशन का फायदा मिलेगा, जिससे मार्जिन स्थिर रहने की उम्मीद है।
चुनौतियां अभी बाकी हैं
जहां कंपनी ने standalone प्रदर्शन सुधारा है, वहीं कंसोलिडेटेड लेवल पर नुकसान बढ़कर ₹3.27 करोड़ हो गया है, जिसकी बड़ी वजह नई यूनिट पर आया डेप्रिसिएशन और फाइनेंस कॉस्ट है। इसके अलावा, कंपनी फिलहाल ₹57.25 लाख के ITC विवाद और ₹36 लाख की GST डिमांड जैसे टैक्स मामलों का सामना कर रही है। निवेशकों को कंपनी के 127 दिन के लंबे ट्रेड रिसीवेबल साइकिल पर भी नजर रखनी होगी।
आगे की राह
अब निवेशकों की नजरें VASPL प्लांट के प्रोडक्शन रैंप-अप और WHO-GMP कंप्लायंस हासिल करने पर टिकी हैं। टैक्स विवादों का समाधान और वर्किंग कैपिटल साइकिल को बेहतर करना आने वाले समय में कंपनी के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
