Trident Lifeline ने BSE के सुझावों के बाद अपने EOGM नोटिस में सुधार किया है। कंपनी Fincos Technology Solutions के Ultimate Beneficial Owner (UBO) विवरण को अपडेट कर रही है ताकि ₹58 करोड़ के फंड रेजिंग प्लान को आगे बढ़ाया जा सके।
क्या है पूरा मामला?
Trident Lifeline Limited ने 27 अक्टूबर, 2026 को होने वाली अपनी एक्स्ट्रा-ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EOGM) के लिए एक औपचारिक शुद्धिपत्र (corrigendum) जारी किया है। BSE की ओर से मिली आपत्तियों के बाद कंपनी ने Fincos Technology Solutions Private Limited से जुड़े Ultimate Beneficial Owner (UBO) के आंकड़ों में सुधार किया है।
फंड रेजिंग की डीटेल्स
कंपनी ने अपने विस्तार और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए ₹58 करोड़ (लगभग) जुटाने का प्रस्ताव रखा है। इसका गणित कुछ इस तरह है:
- इक्विटी शेयर: 12,22,200 शेयर, ₹336.60 प्रति शेयर के भाव पर, कुल वैल्यू ₹41.14 करोड़।
- कन्वर्टिबल वारंट्स: 5,00,400 वारंट्स, ₹336.60 प्रति यूनिट, कुल वैल्यू ₹16.84 करोड़।
निवेशकों को इश्यू प्राइस का 25% हिस्सा अभी चुकाना होगा, जबकि बाकी 75% राशि वारंट्स एक्सरसाइज करने के दौरान 18 महीने के भीतर देनी होगी।
पैसों का इस्तेमाल कैसे होगा?
अगले 24 महीनों में कंपनी इस फंड को निम्नलिखित कार्यों में लगाएगी:
- सब्सिडियरी और जॉइंट वेंचर में निवेश: ₹29.00 करोड़
- वर्किंग कैपिटल की जरूरतें: ₹14.50 करोड़
- बिजनेस विस्तार और अन्य कॉर्पोरेट खर्च: ₹14.49 करोड़
निवेशकों के लिए जरूरी बात
मुख्य जोखिम इस बात पर निर्भर है कि क्या वारंट धारक 18 महीने की समय-सीमा में अपने विकल्प का उपयोग करेंगे या नहीं। इसके अलावा, सभी जारी किए गए शेयर और कन्वर्ट किए गए वारंट SEBI (ICDR) के नियमों के अनुसार अनिवार्य 'लॉक-इन' अवधि के अधीन रहेंगे।
