Torrent Pharmaceuticals के Q2 FY27 नतीजों में मिले-जुले संकेत मिले हैं। JBCPL के साथ मर्जर के चलते कंपनी का रेवेन्यू **51%** उछलकर **₹4,979 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन इंटीग्रेशन लागत के कारण नेट प्रॉफिट **9.6%** घटकर **₹534 करोड़** रह गया है।
मुनाफे में गिरावट के पीछे की कहानी
Torrent Pharmaceuticals ने Q2 FY27 के आंकड़े जारी कर दिए हैं, जो कंपनी के लिए एक बड़े बदलाव का दौर है। J.B. Chemicals & Pharmaceuticals (JBCPL) के साथ हुए मर्जर का असर नतीजों पर साफ दिख रहा है। जहां एक तरफ रेवेन्यू में 51% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं नेट प्रॉफिट 9.6% गिरकर ₹534 करोड़ पर सिमट गया है।
ऑपरेशन्स पर एक नजर
कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA 54% बढ़कर ₹1,666 करोड़ हो गया है, और मार्जिन 33.5% पर स्थिर बना हुआ है। कंपनी का मानना है कि प्रॉफिट में आई यह गिरावट 'ट्रांजिएंट' (अस्थायी) है। मर्जर के बाद मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम, क्वालिटी मैनेजमेंट और ग्लोबल नेटवर्क के इंटीग्रेशन में हुए खर्चों का असर बॉटम लाइन पर दिखा है।
कारोबार का हाल
- इंडिया बिजनेस: कंपनी का घरेलू कारोबार 20% की ग्रोथ के साथ ₹2,181 करोड़ रहा।
- इंटरनेशनल बिजनेस: JBCPL के साथ मिलकर ग्लोबल ऑपरेशन्स ने ₹1,991 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो कि 48% की ग्रोथ है।
आगे क्या होगा?
इन्वेस्टर्स की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी कितनी जल्दी इन इंटीग्रेशन चुनौतियों से बाहर निकलती है। मैनेजमेंट ने इसे एक अस्थायी बाधा बताया है, लेकिन आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार और खर्चों में कमी ही शेयर की चाल तय करेगी।
