Supriya Lifescience ने पहली तिमाही में **31%** की ग्रोथ के साथ **₹190 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है। हालांकि, कुछ बाहरी वजहों से कंपनी का मुनाफा घटकर **₹24 करोड़** रह गया।
Supriya Lifescience का शानदार रेवेन्यू, लेकिन मार्जिन पर दबाव
Supriya Lifescience ने पहली तिमाही (Q1 FY '27) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 31% बढ़कर ₹190 करोड़ रहा। यह टॉप-लाइन ग्रोथ शानदार है।
नतीजों पर एक नज़र
- रेवेन्यू: ₹190 करोड़ (Q1 FY '26 में ₹145 करोड़ था)
- EBITDA: ₹47 करोड़ (Q1 FY '26 में ₹52 करोड़ था)
- PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स): ₹24 करोड़ (Q1 FY '26 में ₹35 करोड़ था)
- EBITDA मार्जिन: 25%
प्रॉफिट क्यों घटा?
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि प्रॉफिट में गिरावट कुछ खास और एक बार की बाहरी वजहों से हुई है। लोट MIDC इलाके में 15-20 दिनों तक पानी की किल्लत के चलते प्रोडक्शन पर असर पड़ा, जिससे करीब ₹30-35 करोड़ की बिक्री का नुकसान हुआ। इसके अलावा, महाराष्ट्र की सोलर पावर पॉलिसी में बदलाव के कारण EBITDA लेवल पर लगभग ₹8 करोड़ का अतिरिक्त खर्च आया।
आगे क्या?
कंपनी अपने ₹230-240 करोड़ के बढ़े हुए इन्वेंटरी को अगले 3-4 तिमाहियों में कम करने का लक्ष्य रखती है। पातालगांगा प्लांट का पहला फेज ₹200 करोड़ के निवेश से शुरू हो गया है। नवंबर 2026 में एंबरनाथ प्लांट का EU ऑडिट होना है, जिससे रेगुलेटेड मार्केट्स के दरवाजे खुल सकते हैं।
बड़े जोखिम
इन्वेंटरी को सही दाम पर निकालना, एंबरनाथ प्लांट के EU ऑडिट का नतीजा और अनपेक्षित ऑपरेशनल दिक्कतें कंपनी के लिए मुख्य जोखिम हैं।
