Supriya Lifescience ने FY26 में दर्ज की दमदार परफॉरमेंस
Supriya Lifescience ने 31 मार्च 2026 को खत्म हुए पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू 18.9% बढ़कर ₹827.87 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, पूरे साल के लिए नेट प्रॉफिट (PAT) 11.3% की बढ़ोतरी के साथ ₹209.12 करोड़ दर्ज किया गया, जिससे अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹25.98 रहा।
मजबूत डिमांड से रेवेन्यू में आई तेजी
FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी ने 50.2% की जबरदस्त ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ के साथ ₹276.53 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। इस मजबूत तिमाही प्रदर्शन ने पूरे साल के रेवेन्यू ग्रोथ में बड़ा योगदान दिया, जो Supriya Lifescience के प्रोडक्ट्स की तगड़ी डिमांड की ओर इशारा करता है।
ग्लोबल पहुंच और ऑपरेशनल एफिशिएंसी
FY26 में कंपनी के रेवेन्यू का 82% हिस्सा एक्सपोर्ट से आया, जो Supriya Lifescience की ग्लोबल प्रेजेंस को दर्शाता है। इसके अलावा, बैकवर्ड-इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल, जिससे FY26 के रेवेन्यू का 76% हिस्सा आया, फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स सेक्टर में सप्लाई चेन की स्टेबिलिटी और कॉस्ट कॉम्पिटिटिवनेस को बढ़ाता है।
बढ़ती लागतों के बीच मार्जिन में आई कमी
रेवेन्यू में मजबूत ग्रोथ के बावजूद, कंपनी को मार्जिन में कुछ दबाव का सामना करना पड़ा। FY26 के लिए EBITDA मार्जिन 192 बेसिस पॉइंट घटकर 35.5% रह गए, और PAT मार्जिन FY25 के 27.0% से घटकर 25.3% हो गए। इसका मुख्य कारण कॉस्ट ऑफ गुड्स सोल्ड (COGS) में 20.3% की ईयर-ऑन-ईयर बढ़ोतरी रही, जो रेवेन्यू ग्रोथ से ज़्यादा थी। निवेशक इस दबाव को मैनेज करने के लिए कंपनी की इनपुट कॉस्ट और प्राइसिंग स्ट्रेटेजी पर नजर रखेंगे।
भविष्य की रणनीति
Supriya Lifescience अपनी रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रखने के साथ-साथ कॉस्ट मैनेजमेंट और प्राइसिंग स्ट्रेटेजी पर फोकस करने की योजना बना रही है। कैपेसिटी एक्सपेंशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर जारी काम से भविष्य में ग्रोथ को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। निवेशक आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार, प्रभावी कॉस्ट कंट्रोल और एक्सपोर्ट में लगातार बढ़ोतरी देखने पर ध्यान देंगे।
