बॉम्बे हाईकोर्ट ने Supriya Lifescience को **200 किलो** केटामाइन हाइड्रोक्लोराइड कंसाइनमेंट को अस्थायी रूप से रिलीज करने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए कंपनी को एक हफ्ते के भीतर कस्टम विभाग के पास **₹72 लाख** की राशि जमा करनी होगी।
कानूनी राहत और शर्त
बॉम्बे हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद Supriya Lifescience को अपने फंसे हुए 200 किलो केटामाइन हाइड्रोक्लोराइड स्टॉक को वापस पाने का रास्ता मिल गया है। हालांकि, यह मंजूरी सशर्त है। कोर्ट ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह 22 सितंबर, 2026 से एक सप्ताह के भीतर कस्टम विभाग (मुंबई-III) के पास ₹72 लाख की राशि जमा करे।
निवेशकों के लिए चेतावनी
भले ही इन्वेंट्री की रिकवरी से कंपनी को राहत मिली है, लेकिन कोर्ट ने साफ कर दिया है कि कंपनी के खिलाफ चल रही कानूनी और आपराधिक कार्यवाही (Adjudication and Criminal Proceedings) यथावत जारी रहेगी। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कंपनी के सामने मौजूद रेगुलेटरी चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं।
आगे क्या होगा?
कंपनी के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण है कि वह तय समय सीमा के भीतर ₹72 लाख का भुगतान सुनिश्चित करे। यदि कंपनी ऐसा करने में विफल रहती है, तो यह अस्थायी राहत छिन सकती है। इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि संबंधित अधिकारी NDPS एक्ट की धारा 52A के तहत कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं।
निवेशकों को अब कंपनी के आगामी BSE फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए, जहां इस डिपॉजिट के पूरा होने और कानूनी कार्यवाही की अगली अपडेट साझा की जाएगी।
