Sun Pharmaceutical Industries ने अमेरिका में चल रहे 'जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग एंटीट्रस्ट लिटिगेशन' को सुलझा लिया है। इस समझौते में कंपनी की सब्सिडियरी Taro Pharmaceuticals भी शामिल है, जिससे कानूनी विवाद का यह अध्याय अब बंद हो गया है।
कानूनी विवाद से मिली राहत
Sun Pharmaceutical Industries ने अमेरिका की 'ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ पेनसिल्वेनिया' अदालत में चल रहे लंबे विवाद को खत्म करने का फैसला किया है। इस समझौते के दायरे में कंपनी की सब्सिडियरी इकाइयां जैसे Sun Pharmaceutical Industries, Inc. (SPII), Taro Pharmaceutical Industries Ltd. और Taro Pharmaceuticals U.S.A., Inc. शामिल हैं।
बिना किसी गलती के स्वीकारोक्ति
इस डील की सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने समझौते के बावजूद किसी भी प्रकार की गड़बड़ी (Wrongdoing) या अपनी जवाबदेही (Liability) को स्वीकार नहीं किया है। इसे एक 'फुल रिलीज ऑफ क्लेम्स' माना जा रहा है, जो कंपनी के मौजूदा और पूर्व डायरेक्टर्स व कर्मचारियों के लिए भी राहत लेकर आया है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
भले ही कंपनी ने विवाद सुलझा लिया है, लेकिन बाजार में चर्चा का विषय 'गोपनीय सेटलमेंट राशि' बनी हुई है। चूंकि भुगतान की गई राशि का खुलासा नहीं किया गया है, इसलिए निवेशकों को फार्मा सेक्टर में रेगुलेटरी स्क्रूटनी पर नजर रखनी चाहिए। Taro Pharmaceuticals के लिए यह एक बड़ा 'डी-रिस्किंग' इवेंट है, क्योंकि पिछले कई सालों से अमेरिका में कंपनी की प्राइसिंग पॉलिसीज लगातार जांच के घेरे में रही हैं।
