Sun Pharma ने अपने लेटेस्ट इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन में शानदार फाइनेंशियल ईयर की रिपोर्ट दी है। कंपनी का रेवेन्यू **11.9%** बढ़कर **₹58,200 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि EBITDA में **16.1%** का उछाल दर्ज किया गया है।
फाइनेंशियल नतीजों का लेखा-जोखा
Sun Pharma ने FY26 के साथ-साथ Q1 FY27 के लिए भी अपने आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है, जिसका अंदाजा 30.3% के शानदार EBITDA मार्जिन से लगाया जा सकता है। Q1 FY27 में कंपनी ने 10.1% की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹15,183.6 करोड़ की कमाई की और इसका एडजस्टेड नेट प्रॉफिट ₹3,089.4 करोड़ रहा।
क्यों बदल रही है कंपनी की तस्वीर?
Sun Pharma अब सिर्फ एक जेनेरिक ड्रग कंपनी नहीं रही, बल्कि स्पेशलिटी दवाओं के क्षेत्र में एक ग्लोबल दिग्गज बनकर उभरी है। साल 2018 में इनोवेटिव दवाओं की हिस्सेदारी कुल सेल्स में महज 7.3% थी, जो अब बढ़कर 22% हो गई है। कंपनी का फ्लैगशिप स्पेशलिटी प्रोडक्ट 'Ilumya' अब US$ 796 मिलियन की सेल्स के साथ अमेरिका में कंपनी की ग्रोथ का सबसे मजबूत स्तंभ बना हुआ है।
भौगोलिक आधार और मार्केट लीडरशिप
कंपनी का बिजनेस पूरी तरह से डाइवर्सिफाइड है। कुल रेवेन्यू में इंडिया फॉर्मूलेशन की हिस्सेदारी 33% (₹19,290.4 करोड़) है, वहीं अमेरिका का योगदान 29% (₹16,824.2 करोड़) है। इसके अलावा, इमर्जिंग मार्केट्स और बाकी दुनिया के बाजारों से कंपनी को 19% और 15% का रेवेन्यू मिल रहा है। भारत में कंपनी की पकड़ इतनी मजबूत है कि वह 8.5% मार्केट शेयर के साथ नंबर वन पर कायम है।
आगे की राह और रिस्क फैक्टर्स
मैनेजमेंट ने अपनी कुल बिक्री का 6.1% हिस्सा R&D में खर्च करने का फैसला किया है। फिलहाल, पाइपलाइन में 5 नई दवाएं (New Active Substances) हैं जिन पर काम चल रहा है। हालांकि, अमेरिकी जेनेरिक मार्केट में बढ़ती कॉम्पिटिशन और ग्लोबल रेगुलेटरी कंप्लायंस से जुड़ी चुनौतियां निवेशकों के लिए नजर रखने वाले प्रमुख रिस्क हैं।
