Sun Pharmaceutical Industries ने Q2 FY27 के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड सेल्स **11.8%** बढ़कर **₹161,000 मिलियन** रही। भारत में फॉर्मुलेशन की मजबूत मांग ने ग्रोथ को सहारा दिया, लेकिन अमेरिका में लेनालेडोमाइड (lenalidomide) के घटते दाम और कानूनी सेटलमेंट के खर्चों का असर नेट प्रॉफिट पर पड़ा है।
Q2 परफॉरमेंस की मुख्य बातें
कंपनी ने इस तिमाही में ₹161,000 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 11.8% ज्यादा है। अगर बात करें एडजस्टेड प्रॉफिट की, तो यह 1.4% की बढ़त के साथ ₹31,620 मिलियन पर पहुंच गया है।
भारत बनाम अमेरिका: कहां से क्या मिला?
Sun Pharma के लिए भारत का बाजार ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन साबित हुआ, जहां फॉर्मुलेशन रेवेन्यू में 17.3% का शानदार उछाल देखने को मिला। इसके ठीक उलट, US मार्केट में कंपनी को 8.2% की गिरावट झेलनी पड़ी। कंपनी का मुनाफा कानूनी सेटलमेंट और Organon के एसेट्स एक्विजिशन (acquisition) से जुड़े खर्चों के कारण सीमित रहा।
निवेश के लिए क्या है खास?
कंपनी अब अपनी स्ट्रैटेजी को लो-मार्जिन जेनेरिक्स से हटाकर स्पेशलिटी और इनोवेटिव दवाओं की तरफ ले जा रही है। इसका उदाहरण हाल ही में मिला 'Ilumya' को FDA से मिला अप्रूवल है। हालांकि, निवेशकों को US मार्केट में चल रही कीमतों की गिरावट (price erosion) और कानूनी खर्चों पर नजर बनाए रखनी होगी। कंपनी ने छमाही के दौरान करीब ₹14,729 मिलियन का कानूनी चार्ज भी लिया है।
आगे की राह
अब सबकी नजरें Q4 FY27 में होने वाले Organon एक्विजिशन के फाइनल क्लोजर पर टिकी हैं। कंपनी का 'ग्लोबल इनोवेटिव मेडिसिन' सेगमेंट अब कुल सेल्स में 21% से ज्यादा का योगदान दे रहा है, जो इसके लॉन्ग-टर्म विजन की सफलता को मापने का मुख्य पैमाना होगा।
