Shelter Pharma ने वित्त वर्ष 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने रेवेन्यू में **44%** की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब **₹73.13 करोड़** हो गया है। कंपनी एक नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थापना की योजना बना रही है और वर्किंग कैपिटल के लिए **₹42.44 करोड़** जुटाए हैं।
Shelter Pharma का दमदार FY2026 प्रदर्शन
Shelter Pharma के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) ने वित्त वर्ष 2026 में ₹73.13 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है, जो पिछले साल के मुकाबले 44% की शानदार बढ़ोतरी दर्शाता है।
क्या है खास?
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के नतीजे जारी किए हैं। इसके अनुसार, कंपनी का रेवेन्यू 44% बढ़कर ₹73.13 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA ₹12.72 करोड़ रहा, जिसका मार्जिन 17.39% है। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹9.03 करोड़ रहा, जो 12.3% का मार्जिन देता है। इसके अलावा, कंपनी ने प्रेफरेंस शेयर इश्यू करके ₹42.44 करोड़ की पूंजी भी जुटाई है।
क्यों है यह अहम?
यह नतीजे Shelter Pharma के टॉप-लाइन ग्रोथ (Top-line Growth) की मजबूत तस्वीर पेश करते हैं। जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी अपने बढ़ते ऑपरेशंस और सेल्स टीम के विस्तार में करेगी। हालांकि, निवेशकों को वर्किंग कैपिटल साइकिल (Working Capital Cycle) और मार्जिन रिकवरी (Margin Recovery) पर नज़र रखनी होगी।
कंपनी की पृष्ठभूमि
Shelter Pharma दो सेगमेंट में काम करती है: वेटरनरी (Veterinary) यानी पशु स्वास्थ्य (रेवेन्यू का 55%) और ह्यूमन हेल्थकेयर (Human Healthcare) यानी मानव स्वास्थ्य (रेवेन्यू का 45%)। इस साल एक्सपोर्ट रेवेन्यू (Export Revenue) में 164% की भारी बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹6.00 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2030 तक ₹200 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है।
आगे क्या?
Shelter Pharma अहमदाबाद के पास एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना बना रही है। इस पर ₹12 करोड़ से ₹15 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) आने का अनुमान है। प्लांट का इंस्टॉलेशन 2027 में शुरू होने की उम्मीद है और इसे कंपनी अपने इंटरनल एक्रूअल (Internal Accruals) से फंड करेगी।
जोखिम पर नज़र
कंपनी का वर्किंग कैपिटल साइकिल 234 दिनों का है, जिसे मैनेजमेंट 60-30 दिनों तक कम करने का लक्ष्य रखता है। सेल्स विस्तार में निवेश के कारण EBITDA मार्जिन में थोड़ी कमी आई है, लेकिन अगले 2-3 सालों में इसे 22-25% तक वापस लाने की उम्मीद है।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की प्रगति, वर्किंग कैपिटल साइकिल में कमी और आने वाली तिमाहियों में EBITDA मार्जिन की रिकवरी पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।
