Shalby Ltd ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.6% बढ़कर ₹338.6 करोड़ हो गया है, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) बढ़कर ₹10.5 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी की गुरुग्राम यूनिट ने पहली बार EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल किया है।
Shalby Ltd Q1 FY27 के नतीजे: दमदार रेवेन्यू ग्रोथ और बढ़ता मुनाफा
Shalby Ltd ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 11.6% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो अब ₹338.6 करोड़ हो गया है। वहीं, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹7.7 करोड़ से बढ़कर ₹10.5 करोड़ हो गया है, जो 36.4% की उछाल दिखाता है।
EBITDA मार्जिन में नरमी, पर गुरुग्राम यूनिट ने पकड़ी रफ्तार
हालांकि, कंसोलिडेटेड EBITDA में 1% की मामूली बढ़ोतरी के साथ यह ₹49 करोड़ पर रहा। EBITDA मार्जिन घटकर 14.5% रह गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 16% था। प्रबंधन का कहना है कि यह नरमी रणनीतिक निवेशों के कारण है। एक बड़ी सफलता यह रही कि कंपनी की गुरुग्राम यूनिट ने पहली बार EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल किया है, जो भविष्य के मुनाफे के लिए एक अच्छा संकेत है।
आगे क्या?
कंपनी के मैनेजमेंट का भरोसा है कि वे पूरे साल के लिए EBITDA मार्जिन को 20% तक ले जा सकते हैं। इसका मुख्य कारण नए TPA (थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) रिन्यूअल से रेवेन्यू ग्रोथ, गुरुग्राम जैसे यूनिट्स का बेहतर प्रदर्शन और मेडटेक सेगमेंट का प्रदर्शन है।
जोखिमों पर रखें नज़र
हालांकि, निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना होगा। 20% EBITDA मार्जिन के लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर जब कंपनी परिचालन निवेश और डॉक्टरों की भर्ती पर खर्च कर रही है। सरकारी योजनाओं (जैसे आयुष्मान भारत) से बिजनेस का बढ़ता हिस्सा (32%) कैश कन्वर्जन साइकिल को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, ICRA ने कंपनी की एक बड़ी सुविधा के लिए लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को (A+) से घटाकर (A) कर दिया है, हालांकि आउटलुक स्टेबल है।
