Sanofi India ने इस तिमाही यानी Q2 में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) **19%** बढ़कर **₹112 करोड़** पहुंच गया है। वहीं, डायबिटीज सेगमेंट में **14%** की शानदार ग्रोथ देखने को मिली है।
Sanofi India ने दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 19% का जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। यह ₹94 करोड़ से बढ़कर ₹112 करोड़ पर पहुंच गया है।
डायबिटीज सेगमेंट में दमदार प्रदर्शन
कंपनी के नतीजों को सबसे ज्यादा सहारा उसके डायबिटीज बिज़नेस से मिला, जिसने 14% की ग्रोथ दर्ज की। यह ग्रोथ इनोवेशन और कंपनी की स्ट्रैटेजिक आउटरीच का नतीजा है। इस सेगमेंट में कंपनी ने अपने नए प्रोडक्ट्स जैसे Toujeo और Soliqua की बाजार में अच्छी पकड़ बनाई है।
ऑपरेटिंग खर्चों में कटौती
Sanofi India ने इस तिमाही में अपने ऑपरेटिंग खर्चों (Operating Expenses) में 5% की कटौती करने में भी सफलता पाई है। इसके चलते कंपनी का PBT मार्जिन 24% से सुधरकर 27% हो गया है।
आगे की राह और चुनौतियां
हालांकि, कंपनी के पार्टनरशिप बिज़नेस (Cardio/CNS) और एक्सपोर्ट सेगमेंट में कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। पार्टनरशिप बिज़नेस में 2% की ग्रोथ दर्ज की गई है, जिसे कंपनी 'वन-ऑफ' ट्रांज़िशन इंपैक्ट बता रही है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से एक्सपोर्ट पर भी असर पड़ा है।
Sanofi India अब इन चुनौतियों से निपटने के लिए स्ट्रैटेजिक रीऑर्गनाइजेशन पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य एक्सपोर्ट में हुए नुकसान की भरपाई दूसरे बाजारों से करना और गोवा स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को ग्लोबल सप्लाई के लिए ऑप्टिमाइज़ करना है।
निवेश पर असर
कंपनी के मैनेजमेंट ने पहली छमाही (H1) में -2% के टॉप-लाइन ग्रोथ का भी जिक्र किया, जो डायबिटीज सेगमेंट के बाहर कुछ अस्थिरता का संकेत देता है। निवेशकों की नजर अब पार्टनरशिप और एक्सपोर्ट सेगमेंट में रिकवरी पर रहेगी, साथ ही यह भी देखना होगा कि डायबिटीज फ्रेंचाइजी नए खिलाड़ियों के सामने अपनी पकड़ कैसे बनाए रखती है।
