फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी Sanofi India को GST विभाग से बड़ा झटका लगा है। मुंबई GST अधिकारियों ने फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में प्रोडक्ट क्लासिफिकेशन को लेकर कंपनी को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) भेजा है।
विवाद की मुख्य वजह
GST विभाग ने Sanofi India पर आरोप लगाया है कि फाइनेंशियल ईयर 2020-21 के दौरान कंपनी ने अपने प्रोडक्ट्स को गलत तरीके से क्लासिफाई किया था। विभाग का मानना है कि कंपनी को 5% के बजाय 12% की दर से GST देना चाहिए था। इसी अंतर के कारण अब विभाग ने वसूली का नोटिस थमाया है।
नोटिस की पूरी गणित
इस नोटिस में कुल ₹72.77 करोड़ की मांग की गई है, जिसमें ₹36.39 करोड़ का टैक्स और इतनी ही राशि यानी ₹36.39 करोड़ का जुर्माना (Penalty) शामिल है।
कंपनी का क्या है स्टैंड?
इतनी बड़ी रकम का नोटिस मिलने के बावजूद Sanofi India के मैनेजमेंट ने निवेशकों को राहत देने की कोशिश की है। कंपनी का कहना है कि वे इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं और टैक्स सलाहकारों के साथ मिलकर जल्द ही अपना जवाब दाखिल करेंगे। कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल उन्हें अपने बिजनेस ऑपरेशन्स या फाइनेंशियल हेल्थ पर किसी भी तरह के 'मैटेरियल एडवर्स इम्पैक्ट' की आशंका नहीं है।
आगे क्या होगा?
अगले कुछ दिनों में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने जवाब में क्या दलीलें पेश करती है। टैक्स विवाद सुलझने में लंबा समय लग सकता है, इसलिए शेयर पर इसके कानूनी नतीजों का असर भविष्य में देखने को मिल सकता है।
