Sai Parenterals (साई पेरेंटेरल्स) ने अपनी IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल दो बड़ी फार्मा कंपनियों, Saicriti Pharma (साइक्रiti फार्मा) और Prathyak Laboratories (प्रथ्यक लैबोरेटरीज) में हिस्सेदारी खरीदने के लिए करने का फैसला किया है। इस बड़े कदम से कंपनी अपनी क्षमता और R&D को मजबूत करेगी, साथ ही FY27 तक 750 करोड़ रुपये के रेवेन्यू के अपने लक्ष्य पर कायम है।
Sai Parenterals का बड़ा कदम: IPO फंड से Pharma अधिग्रहण की तैयारी
Sai Parenterals (साई पेरेंटेरल्स) ने अपनी आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) से जुटाई गई ₹101.85 करोड़ की रकम को अपने नए प्लान के लिए इस्तेमाल करने का प्रस्ताव रखा है। कंपनी Saicriti Pharma (साइक्रiti फार्मा) में 83.83 करोड़ रुपये में 60% हिस्सेदारी और Prathyak Laboratories (प्रथ्यक लैबोरेटरीज) में 15 करोड़ रुपये में 60% हिस्सेदारी खरीदेगी। यह फंड असल में कंपनी की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए रखा गया था।
क्यों हो रहा है यह बदलाव?
कंपनी ने Q1 FY27 की कमाई के साथ यह भी बताया है कि वह IPO के उद्देश्यों में बदलाव का प्रस्ताव दे रही है। बोर्ड ने ₹101.85 करोड़ को सुविधाओं के अपग्रेड और R&D से हटाकर दो फार्मा कंपनियों में निवेश को मंजूरी दे दी है। यह कदम हैदराबाद इंडस्ट्रियल लैंड्स ट्रांसफॉर्मेशन पॉलिसी (HILTP) के नए नियमों के कारण उठाया गया है।
यह क्यों मायने रखता है?
इस रणनीतिक फैसले से Sai Parenterals को अपनी क्षमता को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी। Saicriti Pharma की इंजेक्टेबल सुविधा और Prathyak Laboratories के R&D सेंटर का अधिग्रहण कंपनी के प्रोडक्ट्स और रिसर्च क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। कंपनी ने FY27 के लिए ₹750 करोड़ के रेवेन्यू और 17% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य भी बरकरार रखा है।
पिछली कहानी
Q1 FY27 में Sai Parenterals का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 175% बढ़कर ₹56 करोड़ रहा, जबकि PAT 11 गुना से अधिक बढ़कर ₹9 करोड़ हो गया। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹182 करोड़ रहा, जिसमें EBITDA मार्जिन 14.9% था। कंपनी ने यह भी बताया कि नवंबर 2025 से Noumed Pharmaceuticals के जुड़ने के कारण पिछले साल के कंसोलिडेटेड आंकड़ों से सीधी तुलना संभव नहीं है।
अब क्या बदलेगा?
कंपनी अब अधिग्रहीत की गई फार्मा संपत्तियों को एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित करेगी। Saicriti Pharma के अधिग्रहण से इंजेक्टेबल क्षमता में करीब 154.66 मिलियन यूनिट का इजाफा होगा, जो मूल अपग्रेड योजना से कहीं ज्यादा है। Prathyak Laboratories का R&D सेंटर, जिसमें 150 SKUs और 86 मॉलिक्यूल्स हैं, कंपनी को तुरंत R&D गतिविधियां शुरू करने में मदद करेगा।
जोखिम और चुनौतियाँ
अधिग्रहण के लिए शेयरधारकों और नियामकों की मंजूरी मिलना सबसे बड़ा जोखिम है। मैनेजमेंट ने बताया कि स्थानीय नियमों की सख्ती के कारण ही उन्हें नई सुविधाओं की ओर बढ़ना पड़ा। FY27 के लिए 17% EBITDA मार्जिन हासिल करने के लिए पश्चिमी एशियाई सप्लाई चेन में रुकावटों के कारण बढ़े हुए एयर फ्रेट कॉस्ट को कम करना और नई ऑपरेशन्स को सफलतापूर्वक स्केल करना महत्वपूर्ण होगा।
आगे क्या देखें
निवेशकों को IPO फंड में बदलाव और अधिग्रहण की प्रक्रिया पर नजर रखनी चाहिए। नई Gummadidala सुविधा के चालू होने का समय और EBITDA मार्जिन का 17% के लक्ष्य तक वापस आना महत्वपूर्ण संकेत होंगे। कंपनी का नई सहायक कंपनी के माध्यम से अमेरिकी बाजार में प्रवेश करना भी एक अहम पहलू होगा।
