Sai Parenterals ने अपने IPO फंड का इस्तेमाल करते हुए Prathyak Laboratories में **60%** हिस्सेदारी खरीदी है। इस डील के जरिए कंपनी को हैदराबाद में एक तैयार R&D सेंटर और **28** वैज्ञानिकों की टीम मिल गई है।
बड़ी डील का गणित
Sai Parenterals ने ₹15 करोड़ में Prathyak Laboratories Private Limited में 60% इक्विटी स्टेक हासिल कर लिया है। इस सौदे के बाद कंपनी का नाम बदलकर अब Sai Prathyak Laboratories Private Limited कर दिया गया है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी ने शेष 40% हिस्सेदारी के लिए 'राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल' (ROFR) भी सुरक्षित कर लिया है, जिसे भविष्य में इंटरनल एक्रूअल्स से खरीदा जाएगा।
क्यों खास है यह अधिग्रहण?
कंपनी ने यह सौदा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के विकल्प के तौर पर किया है, जिससे समय की भारी बचत होगी। हैदराबाद के जीनोम वैली में स्थित इस R&D सेंटर के साथ ही कंपनी को 150 SKU और 86 मॉलिक्यूल्स का पोर्टफोलियो मिल गया है। यह कदम खासतौर पर कंपनी के इंटरनेशनल मार्केट में ल्योफिलाइज्ड (lyophilised), लिपोसोमल (liposomal) और ऑन्कोलॉजी इंजेक्टेबल्स की रेंज को मजबूती देने के लिए उठाया गया है।
ऑपरेशनल और भविष्य की राह
चेयरमैन अनिल कुमार करुसला के नेतृत्व में कंपनी अब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के लिए अपनी सप्लाई चेन को और बेहतर बनाएगी। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कैसे कंपनी इस नई R&D टीम को इंटीग्रेट करती है और कितनी जल्दी इन मॉलिक्यूल्स को कमर्शियल प्रोडक्ट में बदल पाती है। आने वाली तिमाही नतीजों में इंजेक्टेबल सेगमेंट से मिलने वाले आउटपुट पर बाजार की नजरें टिकी रहेंगी।
