SMS Pharmaceuticals के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी ने एक बड़े टैक्स विवाद में कानूनी जीत हासिल की है, जिसके चलते इनकम टैक्स विभाग की ओर से थोपी गई **₹45.63 करोड़** की भारी-भरकम डिमांड रद्द कर दी गई है।
राहत की खबर
नेशनल फेसलेस अपील सेंटर, दिल्ली ने 30 अक्टूबर, 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए कंपनी के पक्ष में आदेश दिया है। इस फैसले के साथ ही साल 2025 से कंपनी की बैलेंस शीट पर लटकी ₹45.63 करोड़ (ब्याज सहित) की टैक्स देनदारी अब पूरी तरह खत्म हो गई है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
शेयरहोल्डर्स के लिए यह एक बहुत बड़ा पॉजिटिव डेवलपमेंट है। अब कंपनी को इस विवादित राशि के लिए अलग से प्रोविजन बनाने या इसे भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे कंपनी की कैश पोजीशन पहले के मुकाबले काफी मजबूत होगी और फाइनेंशियल अनिश्चितता दूर होगी।
मामला क्या था?
यह सारा विवाद मार्च 2025 में शुरू हुआ था, जब असेसमेंट यूनिट ने इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 144 के तहत कंपनी को टैक्स डिमांड नोटिस भेजा था। SMS Pharmaceuticals ने इस आदेश को तुरंत चुनौती दी और कमिश्नर ऑफ इनकम-टैक्स (अपील्स) के पास अपील दायर की थी, जिसका परिणाम अब कंपनी के हक में आया है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब कंपनी की अगली तिमाही के नतीजों (Quarterly Results) पर नजर रखनी चाहिए, जहां इस टैक्स रिलीफ का असर फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स में रिफ्लेक्ट होता दिखेगा।
