SMS Pharmaceuticals ने शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस दिखाई है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **47%** बढ़कर **₹101.98 करोड़** हो गया है। हालांकि, कंपनी एक **₹3.02 करोड़** के विवादित NCLT मामले में भी फंस गई है, जिसे लेकर मैनेजमेंट ने सफाई दी है।
मुनाफे में शानदार उछाल
कंपनी के ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजों के अनुसार, FY 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। पिछले साल के ₹69.14 करोड़ के मुकाबले, इस साल कंपनी ने ₹101.98 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। वहीं, रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹886.87 करोड़ तक पहुंच गया है। निवेशकों के लिए कंपनी ने ₹0.40 प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 22 सितंबर, 2026 तय की गई है।
भविष्य की तैयारी और Capex
SMS Pharmaceuticals अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को और बड़ा करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी ₹280 करोड़ का कैपेक्स (Capex) प्रोग्राम चला रही है, जो FY27 तक पूरा होने की उम्मीद है। कंपनी का मुख्य फोकस इबुप्रोफेन (Ibuprofen) की क्षमता को 9,600 MTPA तक बढ़ाना है, ताकि ग्लोबल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।
कानूनी पचड़ा: निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी फिलहाल एक कानूनी विवाद का सामना कर रही है। M/s. Sai Sreyas Pharmaceutical Pvt. Ltd. ने IBC, 2016 की धारा 9 के तहत NCLT, हैदराबाद बेंच में कंपनी के खिलाफ एक दिवालिया याचिका दायर की है। दावा ₹3.02 करोड़ की चूक का है। हालांकि, मैनेजमेंट ने इस दावे को सिरे से खारिज किया है और खराब क्वालिटी के सामान की आपूर्ति को आधार बताते हुए इसे NCLT में चुनौती दी है।
आगे की राह
अब निवेशकों की नजर NCLT की सुनवाई और कंपनी के भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर टिकी है। कंपनी API सेगमेंट में लगातार नए DMF और CEP फाइल कर रही है, जिससे पोर्टफोलियो में मजबूती आने की उम्मीद है।
