Relic Technologies ने FY26 के लिए स्टैंडअलोन **₹0.54 करोड़** का मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल के घाटे से एक बड़ा सुधार है। हालांकि, कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर **₹6.94 करोड़** हो गया है। कंपनी अब फार्मा और वेलनेस सेक्टर पर ध्यान केंद्रित कर रही है, और ऑपरेशन्स से कोई रेवेन्यू दर्ज नहीं किया गया है।
Detailed Coverage
Relic Technologies के FY26 के नतीजे: स्टैंडअलोन मुनाफे में वापसी, लेकिन कंसॉलिडेटेड घाटा बढ़ा
Relic Technologies Ltd. ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने स्टैंडअलोन आधार पर ₹0.54 करोड़ (यानी ₹54.20 लाख) का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के स्टैंडअलोन नेट लॉस ₹1.72 करोड़ (या ₹171.87 लाख) की तुलना में एक बड़ी वापसी है। स्टैंडअलोन स्तर पर इस सकारात्मक प्रदर्शन में ₹1.30 करोड़ (या ₹130.18 लाख) की स्टैंडअलोन 'अन्य आय' (other income) का भी बड़ा योगदान रहा।
कंसॉलिडेटेड तस्वीर अलग
इसके विपरीत, कंसॉलिडेटेड वित्तीय प्रदर्शन में कंपनी को FY26 में ₹6.94 करोड़ (या ₹694.49 लाख) का नेट लॉस हुआ है। यह पिछले वित्तीय वर्ष के कंसॉलिडेटेड नेट लॉस ₹1.49 करोड़ (या ₹148.74 लाख) की तुलना में घाटे में बढ़ोतरी दर्शाता है। कंसॉलिडेटेड स्तर पर 'अन्य आय' ₹0.74 करोड़ (या ₹74.37 लाख) रही।
निवेशकों के लिए मुख्य बातें
यह नतीजे मिले-जुले संकेत दे रहे हैं। जहां स्टैंडअलोन इकाई में सुधार दिख रहा है, वहीं कंसॉलिडेटेड तस्वीर में कंपनी की नई व्यावसायिक दिशा में चल रहे निवेश और चुनौतियों को दर्शाती है। ऑपरेशन्स से शून्य रेवेन्यू यह बताता है कि कंपनी अपने नए बिजनेस ट्रांजीशन के शुरुआती चरण में है।
कंपनी का नया रास्ता
Relic Technologies वर्तमान में फार्मास्युटिकल और वेलनेस सेक्टर की ओर एक रणनीतिक बदलाव (strategic pivot) कर रही है। इस ट्रांजीशन के तहत बोर्ड में भी फेरबदल हुआ है, जिसमें श्री सचिन श्रीवास्तव को CEO और होल टाइम डायरेक्टर तथा सुश्री राधिका श्रीराम को डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। कंपनी ने talent बनाए रखने के लिए 1.10 लाख शेयरों (पेड-अप कैपिटल का 1.97%) के लिए 'Employee Stock Option 2025' प्लान को भी मंजूरी दी है।
आगे क्या उम्मीद करें?
अब कंपनी का मुख्य ध्यान फार्मा और वेलनेस में अपने नए वेंचर्स से रेवेन्यू उत्पन्न करने पर होगा। बोर्ड के पुनर्गठन और ESOP योजनाएं मैनेजमेंट को प्रोफेशनल बनाने और ग्रोथ के साथ कर्मचारियों के हितों को जोड़ने के प्रयास का संकेत देती हैं।
जोखिम पर नजर
मुख्य जोखिमों में ऑपरेशन्स से लगातार रेवेन्यू का अभाव, कंसॉलिडेटेड घाटे का बढ़ना, और प्रतिस्पर्धी फार्मा और वेलनेस बाजारों में अपनी जगह बनाने की चुनौतियां शामिल हैं।
आगे क्या ट्रैक करें?
निवेशकों को कंपनी की फार्मा और वेलनेस वेंचर्स से रेवेन्यू उत्पन्न करने की प्रगति, कंसॉलिडेटेड लॉस के ट्रेंड और रणनीतिक पहलों के लाभप्रदता पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर रखनी चाहिए।
