Rays of Belief Limited ने Q1 FY27 के दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने पिछले साल के घाटे से उबरते हुए **₹2.79 करोड़** का शानदार नेट प्रॉफिट दर्ज किया है।
मुनाफे में जोरदार वापसी
लिस्टिंग के बाद यह कंपनी की पहली रिपोर्ट है। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी को ₹0.54 करोड़ का नुकसान हुआ था, लेकिन इस बार का ₹2.79 करोड़ का नेट प्रॉफिट निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव है। कंपनी का रेवेन्यू भी पिछले साल के ₹10.71 करोड़ से बढ़कर ₹25.31 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
कारोबार का नया मॉडल
कंपनी न्यूरोडेवलपमेंटल थेरेपी सेक्टर में तेजी से स्केल कर रही है। खास बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू अब भारत और अमेरिका के बीच लगभग बराबर बंटा हुआ है। भारत का योगदान 49.34% है, जबकि अमेरिकी कारोबार 50.66% हिस्सेदारी के साथ कंपनी की आय में मुख्य भूमिका निभा रहा है।
अधिग्रहण का दांव (Strategic Move)
ग्रोथ को और रफ्तार देने के लिए कंपनी ने बड़ा कदम उठाया है। 18 सितंबर, 2026 को कंपनी की अमेरिकी सहायक इकाई 'Mom’s Belief US Inc.' ने 'City Pro Group Inc.' का 100% अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस कदम से अमेरिकी बाजार में कंपनी की पकड़ और मजबूत होगी।
आगे क्या रखें नजर?
निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी 'City Pro Group' को अपने मौजूदा बिजनेस मॉडल में कितनी कुशलता से इंटीग्रेट करती है। क्रॉस-बॉर्डर ऑपरेशंस और थेरेपी सर्विस की डिलीवरी बनाए रखना आने वाली तिमाहियों में कंपनी के लिए मुख्य चुनौती होगी।
