Rays of Belief Limited ने न्यूयॉर्क स्थित City Pro Group का **100%** अधिग्रहण पूरा कर लिया है। इस डील के जरिए कंपनी ने अमेरिका के पीडियाट्रिक डेवलपमेंटल-केयर मार्केट में सीधे एंट्री कर ली है। खास बात यह है कि City Pro Group का रेवेन्यू **₹97.27 करोड़** रहा है, जो Rays of Belief के **₹81.66 करोड़** के रेवेन्यू से कहीं ज्यादा है।
बिजनेस में बड़ा विस्तार
यह अधिग्रहण 18 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गया है। Rays of Belief ने इसे अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली अमेरिकी सब्सिडियरी, Mom's Belief US Inc. के जरिए अंजाम दिया है। अब City Pro Group सीधे तौर पर Rays of Belief का हिस्सा बन गई है।
क्यों है यह डील खास?
यह अधिग्रहण कंपनी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है क्योंकि अधिग्रहित कंपनी (City Pro Group) का साइज Rays of Belief के मौजूदा बिजनेस से बड़ा है। वित्त वर्ष 2025 में City Pro Group का रेवेन्यू $1.14 करोड़ यानी लगभग ₹97.27 करोड़ रहा था, जबकि Rays of Belief का वित्त वर्ष 2026 का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹81.66 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹4.96 करोड़ दर्ज किया गया था।
आगे की रणनीति
इस डील से कंपनी को न्यूयॉर्क के ब्रोंक्स, ब्रुकलिन, मैनहट्टन और लॉन्ग आइलैंड जैसे क्षेत्रों में बना-बनाया इंफ्रास्ट्रक्चर मिल गया है। कंपनी अब City Pro Group की क्लिनिकल सुपरविजन और सर्विस कोऑर्डिनेशन की विशेषज्ञता को भारत के 136 सेंटर्स में लागू करने की तैयारी में है। वहीं, Rays of Belief अपने 'फैमिली सपोर्ट प्रोग्राम' को अमेरिका में लॉन्च करने की संभावनाओं पर भी गौर कर रही है।
जोखिम और चुनौतियां
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि भारत और अमेरिका के बीच क्लिनिकल वर्कफ्लो, रेगुलेटरी नॉर्म्स और स्टैंडर्ड्स अलग-अलग होते हैं। ऐसे में क्रॉस-बॉर्डर इंटीग्रेशन और ऑपरेशनल तालमेल बैठाना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी। आने वाले समय में कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों और मार्जिन पर इसके असर को ट्रैक करना जरूरी होगा।
