Patanjali Foods पर FDA का शिकंजा!
नागपुर: पतंजलि फूड्स लिमिटेड को महाराष्ट्र राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के संयुक्त आयुक्त (दवाएं) से अपने उत्पाद "पतंजलि करेला-जामुन जूस" के संबंध में एक नोटिस प्राप्त हुआ है।
क्या हुआ?
नियामक प्राधिकरण ने उत्पाद के प्रमोशनल, लेबलिंग और मार्केटिंग संबंधी दावों पर चिंता जताई है। उनका मानना है कि ये दावे ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) अधिनियम, 1954 का उल्लंघन कर सकते हैं। कंपनी को उत्पाद को वापस मंगाने, इसकी बिक्री और वितरण बंद करने और कुछ दावों को संशोधित करने का निर्देश दिया गया है। 15 दिनों के भीतर एक अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी गई है।
क्यों है ये ज़रूरी?
इस नियामक कार्रवाई के कारण करेला-जामुन जूस की बिक्री और वितरण को रोकना पड़ेगा, जिससे इस विशेष उत्पाद के परिचालन में बाधा आएगी। हालांकि कंपनी को अभी तक किसी बड़े वित्तीय प्रभाव की उम्मीद नहीं है और न ही कोई जुर्माना लगाया गया है, लेकिन यह उत्पाद के दावों पर बढ़ी हुई जांच का संकेत देता है।
क्या बदल रहा है?
पतंजलि फूड्स को करेला-जामुन जूस की बिक्री और वितरण तुरंत बंद करना होगा और रिकॉल प्रक्रिया शुरू करनी होगी। कंपनी कानूनी सलाहकारों के साथ नोटिस की समीक्षा कर रही है ताकि उचित प्रतिक्रिया तैयार की जा सके। साथ ही, उन्हें विशिष्ट प्रमोशनल और लेबलिंग सामग्री को संशोधित या वापस लेना होगा।
आगे क्या?
अगर FDA को कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं लगता है तो आगे और भी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, उपभोक्ता धारणा पर भी असर पड़ सकता है और पतंजलि के अन्य उत्पादों पर भी इसी तरह की जांच की जा सकती है।
कब तक?
नोटिस 8 जून, 2026 को प्राप्त हुआ था। अनुपालन रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर देनी होगी।
