Parmax Pharma ने प्रमोटर ग्रुप और चुनिंदा शेयरधारकों को शेयर और वारंट जारी किए हैं। इस ट्रांजेक्शन के बाद कंपनी का इक्विटी बेस अब **90,24,031** शेयरों तक पहुंच गया है, जो कंपनी के वोटिंग कंट्रोल और स्ट्रक्चर को बदल देगा।
प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट की डिटेल
Parmax Pharma ने 29 अगस्त, 2026 से प्रभावी एक महत्वपूर्ण प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट पूरा कर लिया है। इस प्रक्रिया में 22,80,444 इक्विटी शेयर और 17,16,574 वारंट जारी किए गए हैं। BSE से सैद्धांतिक मंजूरी मिलने के बाद हुई इस हलचल से प्रमोटर ग्रुप की पकड़ कंपनी पर और मजबूत हो गई है।
प्रमोटर्स की बढ़ती ताकत
इस अलॉटमेंट के बाद प्रमोटर्स की कुल होल्डिंग (शेयर और वारंट मिलाकर) 21,70,164 से बढ़कर 61,67,179 हो गई है। पूरी तरह से डाइल्यूटेड आधार (fully diluted basis) पर अब प्रमोटर्स के पास कंपनी का लगभग 68.34% हिस्सा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
रिटेल निवेशकों को अब कंपनी के 'कैपिटल स्ट्रक्चर' पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है। भविष्य में जब ये वारंट इक्विटी में कन्वर्ट होंगे, तो मार्केट में शेयरों की कुल संख्या बढ़ जाएगी। इससे अर्निंग्स पर शेयर (EPS) और शेयरधारकों के वोटिंग पावर पर असर पड़ना तय है।
कौन-कौन शामिल?
इस प्रक्रिया में धीरेन चंदूलाल शाह, सुनील चीनूभाई शाह के साथ-साथ धैर्य धीरेन शाह, हिरेन प्रवीण दोषी और शीतल हिरेन दोषी जैसे प्रमोटर ग्रुप के सदस्य और अन्य पर्सन एक्टिंग इन कॉन्सर्ट (PAC) शामिल रहे।
अब आगे क्या?
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वारंट को इक्विटी में कब बदला जाता है। यह कन्वर्जन ही तय करेगा कि कंपनी के इक्विटी बेस पर डाइल्यूशन का वास्तविक असर क्या होगा।
