Park Medi World ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू **21%** बढ़कर **₹1,679.4 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट में **27%** का जोरदार इजाफा हुआ है और यह **₹273.6 करोड़** हो गया है।
मुनाफे और ग्रोथ का गणित
कंपनी ने अपने IPO से मिली राशि का बेहतर इस्तेमाल करते हुए ₹380 करोड़ का कर्ज चुका दिया है, जिससे यह अब एक कर्जमुक्त (debt-free) कंपनी बन गई है। हॉस्पिटल की कुल क्षमता 20.3% बढ़कर 3,610 बेड हो गई है, जिसमें भटिंडा, आगरा और नरेला में किए गए नए अधिग्रहण शामिल हैं।
मजबूती की मुख्य वजह
कंपनी का 'क्लस्टर-बेस्ड' एक्सपेंशन मॉडल काफी कारगर साबित हो रहा है। ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी और ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रियाओं के बढ़ने से प्रति बेड औसत रेवेन्यू (ARPOB) ₹28,005 पर पहुंच गया है। ब्याज लागत में कमी आने से बॉटम लाइन को सीधा फायदा मिला है।
आगे का रोडमैप
मैनेजमेंट ने मार्च 2028 तक कुल 5,740 बेड तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। अगले दो सालों में कंपनी 2,130 नए बेड जोड़ने की तैयारी में है। साथ ही, कंपनी ने अपने ESOP पूल को 38.44 लाख से बढ़ाकर 86.38 लाख विकल्प करने की मंजूरी भी मांगी है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
कंपनी के सामने नए हॉस्पिटल्स को सुचारू रूप से चलाने और मेडिकल सप्लाई के बढ़ते खर्चों की चुनौती बनी रहेगी। साथ ही, हेल्थकेयर सेक्टर में सरकारी रेगुलेशन और इंश्योरेंस रिइम्बर्समेंट की दरें भी मुनाफे पर असर डाल सकती हैं।
फिलहाल, रुद्रपुर में हाल ही में शुरू किए गए 330 बेड वाले अस्पताल का प्रदर्शन यह तय करेगा कि कंपनी अपनी विस्तार की गति को कैसे बरकरार रखती है।
