Panjon Ltd: रेवेन्यू में जोरदार उछाल, लेकिन 'ऑडिटर विवाद' से बढ़ी टेंशन

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AuthorMehul Desai|Published at:
Panjon Ltd: रेवेन्यू में जोरदार उछाल, लेकिन 'ऑडिटर विवाद' से बढ़ी टेंशन

Panjon Ltd ने अपना FY 2025-26 का एनुअल रिपोर्ट जारी कर दिया है, जिसमें कंपनी का रेवेन्यू **₹30.46 करोड़** से बढ़कर **₹47.62 करोड़** हो गया है। हालांकि, रिपोर्ट में ऑडिटर्स की नियुक्ति को लेकर गंभीर गवर्नेंस सवाल उठाए गए हैं।

मुनाफे और रेवेन्यू का हाल

कंपनी ने शानदार ग्रोथ दिखाई है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹47.62 करोड़ रहा है, जो पिछले साल ₹30.46 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी ₹0.48 करोड़ दर्ज किया गया है, जबकि पिछले साल यह ₹0.40 करोड़ था। वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को देखते हुए कंपनी ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।

गवर्नेंस पर क्यों उठे सवाल?

इस रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा 'सेक्रेटेरियल ऑडिटर' द्वारा दी गई क्वालिफिकेशन है। कंपनी पर आरोप है कि उन्होंने 'कंपनी एक्ट, 2013' की धारा 139 के तहत अनिवार्य शेयरहोल्डर मंजूरी के बिना ही स्टेट्युटरी ऑडिटर्स को बदल दिया। यह नियमों का उल्लंघन है और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नजरिए से निवेशकों के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग है।

आगे क्या होगा?

कंपनी 30 सितंबर, 2026 को अपनी AGM (एनुअल जनरल मीटिंग) आयोजित करने जा रही है। इस बैठक में बोर्ड में नए डायरेक्टर के रूप में आर्चित कोठारी और दोबारा नियुक्ति के लिए अंजू कोठारी के प्रस्ताव पर शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि मैनेजमेंट इस ऑडिट अनुपालन चूक (Compliance Gap) पर क्या सफाई देता है और क्या SEBI या ROC की ओर से इस पर कोई आगे की कार्रवाई होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.