Orchid Pharma ने Q1 FY27 में Dhanuka Laboratories के साथ मर्जर के बाद शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 15% बढ़कर **₹304 करोड़** दर्ज किया गया है। EBITDA में भी बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है।
Orchid Pharma का मर्जर के बाद शानदार प्रदर्शन: Q1 FY27 में रेवेन्यू में 15% की उछाल
Dhanuka Laboratories के साथ मर्जर के बाद Orchid Pharma ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 15% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है। यह बढ़कर ₹304 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹263 करोड़ था। कंपनी ने यह संयुक्त नतीजे पेश किए हैं, जो 10 जुलाई, 2026 से प्रभावी हुए मर्जर के बाद आए हैं।
EBITDA और ग्रॉस मार्जिन में भी सुधार
सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, कंपनी के EBITDA में भी काफी उछाल देखने को मिला है। यह ₹10 करोड़ (Q1 FY26) से बढ़कर ₹25 करोड़ हो गया है। इसके साथ ही, ग्रॉस मार्जिन में भी लगभग 3 प्रतिशत अंकों की वृद्धि हुई है, जो अब 33% पर पहुँच गया है (Q1 FY26 में 30% था)।
मर्जर का असर और भविष्य की योजनाएं
यह नतीजे बताते हैं कि मर्जर के बाद कंपनी का इंटीग्रेशन सफलतापूर्वक हो रहा है, जिससे टॉप-लाइन ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार दिख रहा है। बेहतर मार्जिन और EBITDA कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्रोडक्ट मिक्स में सुधार का संकेत देते हैं।
हालाँकि, कंपनी का कहना है कि FY26 में संयुक्त रेवेन्यू ₹1,233 करोड़ था, जो FY25 के ₹1,398 करोड़ से कम था। इसका कारण सेफलोस्पोरिन (cephalosporin) बिजनेस की चुनौतीपूर्ण स्थिति को बताया गया है।
आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब जम्मु में 7-ACA प्रोजेक्ट पर होगी, जिसके मार्च 2027 तक चालू होने की उम्मीद है। साथ ही, Cefiderocol फैसिलिटी दिसंबर 2026 तक तैयार होने की संभावना है। Cefiderocol के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल्स और Exblifep के लिए ग्लोबल मार्केट में वॉल्यूम ग्रोथ पर भी नजर रखी जाएगी।
