OneSource Specialty Pharma ने FY26 में **₹1,421.6 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो रेगुलेटरी देरी के कारण पिछले साल के मुकाबले **2%** कम रहा है। हालांकि, कंपनी ने **$400 मिलियन** के रेवेन्यू और **40%** EBITDA मार्जिन के अपने FY28 के लक्ष्य को बरकरार रखा है।
नतीजों पर एक नजर
कंपनी का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। इस दौरान EBITDA ₹304.2 करोड़ दर्ज किया गया, जिसका मार्जिन 21% रहा। कंपनी का एडजस्टेड PAT ₹73.9 करोड़ और एडजस्टेड EPS ₹6.5 रहा। मैनेजमेंट ने साफ किया है कि रेवेन्यू में मामूली गिरावट कनाडा में सेमाग्लूटाइड (semaglutide) प्रोडक्ट के लिए रेगुलेटरी मंजूरी में हुई देरी की वजह से है, जिसे 'लॉस' नहीं बल्कि 'डिफर्ड रेवेन्यू' माना जा रहा है।
कैपेक्स और भविष्य की तैयारी
कंपनी अभी विस्तार के दौर में है। अपने $100 मिलियन के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) बजट का 80% हिस्सा कंपनी कार्ट्रिज मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में लगा रही है। Q2FY27 में एक नई हाई-कैपेसिटी फिलिंग लाइन शुरू होने की उम्मीद है, जो कंपनी के Drug-Device (DDC) प्लेटफॉर्म के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
भरोसे का प्रतीक
कंपनी ने गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए ऑडिटर्स को बदला है और Deloitte से BSR (KPMG) के साथ करार किया है। साथ ही, लिस्टिंग के बाद से अब तक कंपनी की 5 बार क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड हुई है, जिससे कंपनी की उधार लेने की लागत (Borrowing Cost) घटकर 9% से नीचे आ गई है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को अब Q2FY27 में नई मैन्युफैक्चरिंग लाइन के कमर्शियलाइजेशन, GLP-1 रेगुलेटरी अपडेट्स और कंपनी के बायोलॉजिक्स प्रोजेक्ट पाइपलाइन के बड़े एग्रीमेंट्स पर नजर रखनी चाहिए।
