ChrysCapital के हाथों कमान आने के बाद Novartis India Limited ने अपना बिजनेस मॉडल पूरी तरह बदल दिया है। कंपनी अब Pfizer से **₹1,250 करोड़** में 'Minipress' ब्रांड खरीदकर इन-हाउस ऑपरेशंस पर फोकस कर रही है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Novartis India Limited (NIL) में मैनेजमेंट बदलते ही हलचल तेज हो गई है। ChrysCapital Group द्वारा 70.68% हिस्सेदारी खरीदने के बाद, कंपनी ने अपने पुराने पार्टनर-लेड डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को अलविदा कह दिया है। अब कंपनी अपना पूरा कामकाज खुद (In-house) संभालेगी।
क्यों है ये सौदा खास?
इस रणनीति के तहत कंपनी ने Pfizer से 'Minipress' ट्रेडमार्क ₹1,250 करोड़ में हासिल किया है। इसके अलावा, NHPL से 'Accentrix' और 'Pagenax' पोर्टफोलियो को ₹10 करोड़ में इन-लाइसेंस किया गया है। कंपनी का मकसद अपनी ब्रांडिंग और कीमतों पर पूरा कंट्रोल रखना है, जिसके लिए 900 लोगों की एक नई फील्ड फोर्स तैयार की जा रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
मैनेजमेंट ने साफ कर दिया है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी से चौथी तिमाही तक उतार-चढ़ाव रह सकता है। इसकी मुख्य वजहें हैं:
- पुराने पार्टनर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने की वन-टाइम लागत।
- इन्वेंट्री ट्रांजिशन के दौरान सेल्स रिटर्न का रिस्क।
- 900 लोगों की नई टीम के साथ काम शुरू करने की ऑपरेशनल चुनौतियां।
आगे क्या होगा?
अगले 120 दिनों में कंपनी अपना नाम भी बदलने जा रही है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि आने वाली तिमाही नतीजों पर नजर रखें, क्योंकि ट्रांजिशन से जुड़ी लागत का असर कंपनी के बॉटम लाइन पर दिख सकता है।
