Neuland Laboratories के लिए दूसरी तिमाही चुनौतीपूर्ण रही है, जहां कंपनी का मुनाफा गिरकर **₹51.1 करोड़** पर आ गया है। मैनेजमेंट ने इसे अपने CDMO बिजनेस की 'लम्पी' (अनियमित) प्रकृति बताया है, लेकिन कंपनी ने भविष्य के लिए अपना ग्रोथ लक्ष्य बरकरार रखा है।
तिमाही नतीजों का गणित
सितंबर तिमाही में Neuland Laboratories की कुल आय ₹457.2 करोड़ रही, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹516.1 करोड़ थी। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) पिछले साल के ₹96.5 करोड़ से घटकर ₹51.1 करोड़ रह गया है। वहीं, EBITDA मार्जिन में भी गिरावट देखी गई है, जो 30.4% से कम होकर 22.9% पर आ गया है। कंपनी का कहना है कि यह गिरावट CDMO बिजनेस के प्रोजेक्ट्स की टाइमिंग के कारण हुई है।
लॉन्ग-टर्म विजन और निवेश
कमजोर तिमाही के बावजूद कंपनी अपनी एक्सपेंशन योजनाओं पर अडिग है। Neuland ने अपने Unit One फैसिलिटी में नया पेप्टाइड ब्लॉक शुरू किया है। कंपनी ने आने वाले 3 वर्षों में ₹1,700 से ₹1,800 करोड़ के भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) की योजना बनाई है। इसके अलावा, काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) में 134 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है, जो लंबी अवधि में क्षमता विस्तार का आधार बनेगा।
रिस्क और निवेशकों के लिए आगे की राह
निवेशकों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि कंपनी का 68% रेवेन्यू सिर्फ 5 बड़े ग्राहकों से आता है, जो एक बड़ा कंसंट्रेशन रिस्क है। पेप्टाइड सेगमेंट से कमाई शुरू होने में अभी 6 से 9 महीने का वक्त लग सकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने नए प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से कमर्शियल लेवल पर ले जाती है।
