Neuland Laboratories ने अपनी नई पेप्टाइड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू कर दी है। **$30 मिलियन** यानी करीब **₹250 करोड़** के निवेश से बनी इस यूनिट से कंपनी की क्षमता में भारी इजाफा हुआ है।
बड़े निवेश से नई शुरुआत
कंपनी ने अपने पहले पेप्टाइड मैन्युफैक्चरिंग मॉड्यूल में कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू कर दिए हैं। इस फैसिलिटी में 7,000 लीटर की रिएक्टर कैपेसिटी है, जो सॉलिड और लिक्विड-फेज सिंथेसिस, दोनों के लिए तैयार की गई है। यह कदम ओन्कोलॉजी (कैंसर), ओबेसिटी (मोटापा) और मेटाबॉलिक बीमारियों की दवाओं की ग्लोबल डिमांड को देखते हुए उठाया गया है।
कैपेसिटी का पूरा गणित
नई फैसिलिटी के अंदर 750 लीटर सॉलिड-फेज (SPPS) और 6,250 लीटर लिक्विड-फेज (LPPS) सिंथेसिस की क्षमता है। कंपनी ने यहाँ एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लगाया है, जिसमें डेडिकेटेड सूट्स, 3 DAC कॉलम्स और बड़े पैमाने पर काम करने वाले 'लायोफिलाइजर्स' (lyophilisers) शामिल हैं।
आगे का रोडमैप और ग्रोथ
कंपनी का मैनेजमेंट यहीं नहीं रुक रहा है। उन्होंने दूसरे मॉड्यूल के लिए काम तेज कर दिया है, जिसकी क्षमता 18,000 लीटर तक हो सकती है। गौरतलब है कि Neuland Laboratories ने हाल ही में अपने रेवेन्यू में 116% का शानदार उछाल दर्ज किया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी अपने क्लीनिकल प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से लंबे समय के बड़े कमर्शियल कॉन्ट्रैक्ट्स में बदल पाती है।
