Nephrocare Health Services: Q1 FY27 में रेवेन्यू **23.7%** बढ़कर **₹282 करोड़** हुआ

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AuthorNeha Patil|Published at:
Nephrocare Health Services: Q1 FY27 में रेवेन्यू **23.7%** बढ़कर **₹282 करोड़** हुआ

Nephrocare Health Services ने Q1 FY27 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **23.7%** बढ़कर **₹282 करोड़** हो गया है। मैनेजमेन्ट का कहना है कि इलाज की संख्या और अंतरराष्ट्रीय विस्तार से कंपनी को यह बढ़त मिली है।

Nephrocare Health Services: Q1 FY27 में दमदार प्रदर्शन

Nephrocare Health Services Ltd. ने Q1 FY27 के अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23.7% की जोरदार बढ़त देखी गई, जो ₹228 करोड़ से बढ़कर ₹282 करोड़ हो गया है। कंपनी के एडजस्टेड EBITDA में 31.0% का इजाफा हुआ और यह ₹65.1 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 41.7% की उछाल आई और यह ₹37 करोड़ दर्ज किया गया।

यह क्यों मायने रखता है?

ये नतीजे कंपनी के लगातार बढ़ते प्रदर्शन और विस्तार की रणनीति को दर्शाते हैं। बढ़ते ऑपरेशनल मार्जिन के साथ, Adjusted EBITDA मार्जिन 23.1% और PAT मार्जिन 13.1% तक पहुंच गया है, जो कंपनी की बढ़ती मुनाफेबाजी को दिखाता है। इलाजों की बढ़ती संख्या और मरीजों की संख्या में वृद्धि, साथ ही फिलीपींस और भारत में विस्तार, कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति को और पुख्ता करते हैं।

कंपनी की पृष्ठभूमि

Nephrocare Health Services एक खास डायलिसिस सेवा प्रदाता कंपनी है। कंपनी अपने ऑपरेशन्स को बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। IPO से मिले फंड का एक बड़ा हिस्सा इसी ग्रोथ के लिए इस्तेमाल किया गया है।

आगे क्या?

कंपनी अगले तीन से पांच सालों में 15-20% की CAGR (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) के साथ आक्रामक विस्तार जारी रखने की योजना बना रही है। इसके लिए मरीजों की संख्या बढ़ाना, भारत और विदेशों में अपने क्लीनिक का दायरा बढ़ाना और नए देशों में प्रवेश करना जैसे कदम उठाए जाएंगे। कंपनी का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स से होने वाली कमाई को भी बढ़ाना है, जो वर्तमान में कुल रेवेन्यू का 45% है।

जोखिमों पर नजर

सऊदी अरब में प्रगति सरकारी टेंडर जारी होने पर निर्भर करती है, जिनकी समय-सीमा अनिश्चित है। विस्तार और अधिग्रहण के लिए आक्रामक पूंजी निवेश को कुशलता से प्रबंधित करने की आवश्यकता होगी ताकि ROCE (पूंजी पर रिटर्न) को बनाए रखा जा सके, जो Q1 में 21% था। डायलिसिस बिजनेस में वैसे भी वर्किंग कैपिटल की अधिक आवश्यकता होती है, हालांकि कंपनी ने अपने प्राप्तियों के दिनों में सुधार किया है।

संदर्भ मेट्रिक्स (समय-आधारित)

प्रति ट्रीटमेंट रेवेन्यू (RPT) 9.2% बढ़कर ₹2,733 हुआ। ट्रीटमेंट्स में 13.3% की वृद्धि हुई और यह 10.3 लाख तक पहुंच गया। एक्टिव गेस्ट्स में 13.0% की वृद्धि के साथ यह संख्या 38,262 हो गई। फिलीपींस में 7 नए क्लीनिक खोले गए हैं। भारत में 19 नए क्लीनिक खोले गए, जिससे 5 देशों में 357 शहरों में कुल 550 क्लीनिक हो गए हैं। IPO फंड का 68% (यानी ₹207 करोड़) इस्तेमाल किया जा चुका है।

आगे क्या ट्रैक करें

निवेशक सऊदी अरब के टेंडरों की समय-सीमा, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश की गति और विस्तार के दौरान कंपनी की लाभप्रदता बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.