India Ratings and Research (Ind-Ra) ने Nephrocare Health Services की लॉन्ग-टर्म बैंक लोन रेटिंग को 'IND AA-/Stable' कर दिया है। मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और कर्ज में भारी कटौती के चलते कंपनी अब नेट कैश पोजीशन में आ गई है।
रेटिंग में उछाल और बेहतर होती वित्तीय सेहत
India Ratings and Research ने Nephrocare Health Services की रेटिंग को 'IND A+/Positive' से अपग्रेड करके 'IND AA-/Stable' कर दिया है। इसके साथ ही शॉर्ट-टर्म क्रेडिट रेटिंग को 'IND A1+' पर बरकरार रखा गया है। यह अपग्रेड कंपनी की बेहतर होती क्रेडिट प्रोफाइल और बाजार में बढ़ती विश्वसनीयता को दर्शाता है।
क्यों खास है यह रेटिंग?
रेटिंग में यह बढ़ोतरी कंपनी के लिए लोन लेना सस्ता बना सकती है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। दिसंबर 2025 में किए गए इक्विटी रेज (Equity Raise) ने कंपनी को कर्ज मुक्त होने और नेट कैश पोजीशन तक पहुंचने में बड़ी मदद की है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के आंकड़े
FY26 में कंपनी की परफॉर्मेंस काफी दमदार रही है:
- रेवेन्यू: FY25 के ₹760 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹1,000 करोड़ पर पहुंच गया है।
- EBITDA मार्जिन: पिछले साल के 22.0% से बढ़कर 22.7% हो गया है।
- कैश और इक्विवेलेंट्स: कंपनी के पास ₹430 करोड़ का कैश मौजूद है।
निवेशक इन रिस्क पर भी दें ध्यान
कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं:
- वर्किंग कैपिटल: डायलिसिस बिजनेस कैपिटल-इंटेंसिव है, जिसका असर 116 दिनों के हाई डेटर पीरियड में दिखता है।
- इंटरनेशनल एक्सपोजर: कुल रेवेन्यू का 42% हिस्सा विदेशी बाजारों से आता है, जिससे करेंसी में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल रिस्क बने रहते हैं।
- एक्जीक्यूशन: नई टेरिटरीज में तेजी से विस्तार करने के चलते ऑपरेशनल रिस्क भी साथ लेकर चल रही है कंपनी।
