Natural Capsules ने FY26 में ₹24.66 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, FY27 में ₹274 करोड़ रेवेन्यू का लक्ष्य
Natural Capsules ने वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए ₹24.66 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू ₹187.20 करोड़ रहा।
निवेशकों के लिए खास: HPMC कैपेसिटी में विस्तार और नई पार्टनरशिप से कंपनी को ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन नेट लॉस और कर्ज़ (Debt) प्रमुख चुनौतियाँ बने हुए हैं।
क्या हुआ?
कंपनी ने FY26 की चौथी तिमाही में ₹58.45 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछली तिमाही से 55% ज्यादा और पिछले साल की इसी तिमाही से 30% ज्यादा है। पूरे वित्तीय वर्ष FY26 के लिए कंपनी का रेवेन्यू ₹187.20 करोड़ रहा। हालांकि, पूरे साल में कंपनी को ₹24.66 करोड़ का नेट लॉस हुआ। इस साल EBITDA लॉस ₹1.56 करोड़ रहा।
यह क्यों मायने रखता है?
कंपनी अपनी कैपेसिटी और सब्सिडियरी ऑपरेशंस का विस्तार कर रही है। FY27 के लिए ₹274 करोड़ का रेवेन्यू अनुमानित है, लेकिन ₹100-110 करोड़ का कर्ज़ और नेट लॉस निवेशकों की कड़ी निगरानी की मांग करते हैं। नई HPMC लाइन्स और API सब्सिडियरी की पार्टनरशिप भविष्य की प्रॉफिटेबिलिटी के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
पिछली कहानी
FY26 के नतीजों पर पुडुचेरी प्लांट के अस्थायी बंद होने का असर पड़ा, जिससे कुछ बिक्री Q4 FY26 के लिए टाल दी गई। API सब्सिडियरी, Natural Biogenex में प्री-कमर्शियल लागतों ने भी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव डाला। कंपनी HPMC कैप्सूल की अपनी इंस्टॉल्ड कैपेसिटी को बढ़ाकर 25 बिलियन प्रति वर्ष कर रही है।
अब क्या बदलेगा?
एक नई HPMC लाइन क्वालिफिकेशन के लिए तैयार है, जिससे FY27 की दूसरी छमाही में रेवेन्यू शुरू होने की उम्मीद है, जो अमेरिकी ग्राहकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा। सब्सिडियरी Natural Biogenex ने Fermbox Bio के साथ एक फ्रेमवर्क एग्रीमेंट किया है, जिसके तहत Fermbox तुमुकुरु फैसिलिटी में ₹60 करोड़ का निवेश करेगी। Natural Biogenex ऑपरेशंस को मैनेज करेगी और प्रोडक्ट्स पर रेवेन्यू शेयर करेगी।
जोखिम
निवेशकों को अमेरिकी बाजार में टैरिफ और महंगाई के कारण 'न्यूट्र' सेगमेंट पर पड़ने वाले असर पर नजर रखनी होगी। USFDA और WHO GMP जैसी लंबी ऑडिट और सर्टिफिकेशन प्रक्रियाओं के कारण अमेरिका और EU जैसे रेगुलेटेड बाजारों में API प्रोडक्ट्स के लिए रेगुलेटरी बाधाएं देरी का कारण बन सकती हैं। ₹100-110 करोड़ का बना हुआ कर्ज़ भी एफिशिएंट कैश फ्लो मैनेजमेंट की मांग करता है।
आगे क्या देखें?
HPMC के US अप्रूवल में प्रगति, API सेगमेंट का बढ़ना और लिक्विडिटी व कर्ज़ को मैनेज करने के लिए किसी भी सफल फंडरेज़िंग इनिशिएटिव पर नज़र रखी जानी चाहिए।
