Natco Pharma ने वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹4,375.9 करोड़ रहा, जो पिछले वित्तीय वर्ष FY25 के ₹4,784 करोड़ से कम है। वहीं, नेट प्रॉफिट भी घटकर ₹1,418.5 करोड़ रह गया, जबकि FY25 में यह ₹1,883.4 करोड़ था। कंपनी ने कहा कि उसके बिजनेस मॉडल की साइक्लिकल प्रकृति, जो कि 'जैकपॉट' एक्सक्लूसिविटी प्रोडक्ट्स पर निर्भर करती है, इन नतीजों का मुख्य कारण है।
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो, कंसोलिडेटेड नेट रेवेन्यू ₹816.9 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹1,287.3 करोड़ से काफी कम है। इसी तरह, इस तिमाही में कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹269 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल Q4 FY25 में यह ₹406 करोड़ था।
आगे क्या?
FY26 के अंत में ₹2,400 करोड़ की मजबूत नेट कैश पोजीशन के साथ, Natco Pharma अब भविष्य के विकास के लिए नई राहें तलाश रही है। कंपनी का लक्ष्य विदेशी अधिग्रहणों के जरिए एक स्थिर रेवेन्यू बेस बनाना है, ताकि भविष्य में आय में उतार-चढ़ाव को कम किया जा सके। कंपनी अपने क्रॉप हेल्थ साइंसेज डिवीजन को डीमर्ज (अलग) करने की भी योजना बना रही है।
FY27 का अनुमान
Natco Pharma ने वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) के लिए कम अनुमान जारी किया है। कंपनी को उम्मीद है कि इस साल रेवेन्यू ₹3,400 - ₹3,500 करोड़ के बीच रहेगा और प्रॉफिट ₹700 - ₹750 करोड़ के दायरे में रह सकता है।
जोखिम
कंपनी के लिए अमेरिकी जेनेरिक बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा और 'विजेता-सब-कुछ-ले-जाता है' वाली स्थिति एक बड़ी चुनौती है। वहीं, एग्रीकेम (कृषि रसायन) व्यवसाय को कच्चे माल की बढ़ती लागत का सामना करना पड़ रहा है। FY27 के लिए जारी अनुमान यह संकेत देते हैं कि कंपनी के लिए आने वाला साल चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि वह अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव की प्रक्रिया से गुजर रही है।
