Natco Pharma के FY26 नतीजों में सुस्ती दिखी है। कंपनी का मुनाफा गिरकर **₹1,418.5 करोड़** रहा, जबकि रेवेन्यू **₹4,375.9 करोड़** दर्ज किया गया। कंपनी ने अक्टूबर 2026 से अपने Crop Health Sciences डिवीजन को अलग करने और दक्षिण अफ्रीका की Adcock Ingram Holdings में हिस्सेदारी **49%** तक बढ़ाने का फैसला लिया है।
मुनाफे पर दबाव और नई रणनीति
Natco Pharma ने अपना FY26 का एनुअल रिपोर्ट जारी कर दिया है, जिसमें फाइनेंशियल कंसोलिडेशन का दौर साफ दिख रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹4,784 करोड़ के मुकाबले कंपनी का रेवेन्यू इस बार ₹4,375.9 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹1,885.4 करोड़ से घटकर ₹1,418.5 करोड़ पर आ गया है।
डीमर्जर से क्या बदलेगा?
कंपनी बोर्ड ने Crop Health Sciences बिजनेस के डीमर्जर को मंजूरी दे दी है, जो अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। इस फैसले का उद्देश्य फार्मा बिजनेस पर अपना फोकस और बेहतर बनाना है। साथ ही, दक्षिण अफ्रीका की Adcock Ingram Holdings में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 49% करने का कदम, घरेलू मार्केट पर निर्भरता कम करने की एक आक्रामक कोशिश है।
निवेशकों के लिए जोखिम और संकेत
कंपनी के मार्जिन्स पर R&D और कंप्लायंस के बढ़ते खर्चों का असर देखा जा रहा है। इसके अलावा, ऑन्कोलॉजी (Oncology) पोर्टफोलियो पर घरेलू बाजार में बनी कीमतों का दबाव भी परफॉर्मेंस को प्रभावित कर रहा है।
आगे की राह
मैनेजमेंट ने अगले 2 से 3 सालों में डबल-डिजिट अर्निंग ग्रोथ का अनुमान जताया है। भविष्य में ब्राजील, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका जैसे बाजारों में विस्तार, कंपनी के लिए ग्रोथ के मुख्य इंजन साबित हो सकते हैं। आने वाली तिमाहियों में डीमर्जर का सफल होना और इंटरनेशनल ऑपरेशंस का तालमेल निवेशकों के लिए मुख्य बेंचमार्क रहेगा।
