Narayana Hrudayalaya ने कोलकाता के Mission of Mercy Hospital & Research Centre के साथ एक एक्सक्लूसिव मैनेजमेंट एग्रीमेंट साइन किया है। कंपनी यहां **100-बेड** वाले अस्पताल का संचालन करेगी, लेकिन मालिकाना हक या जमीन में कोई निवेश नहीं करेगी।
एसेट-लाइट मॉडल की ओर बड़ा कदम
Narayana Hrudayalaya ने कोलकाता में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक स्मार्ट रणनीति अपनाई है। कंपनी ने 'Mission of Mercy Hospital & Research Centre' के साथ एक बाइंडिंग ऑपरेशन और मैनेजमेंट एग्रीमेंट (O&M Agreement) साइन किया है। इस समझौते के तहत, कंपनी अस्पताल के संचालन और प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। यह अस्पताल 63,240 स्क्वायर फीट में फैला है, जिसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और 6 अतिरिक्त फ्लोर शामिल हैं।
बिना भारी निवेश के विस्तार
यह डील कंपनी के 'एसेट-लाइट' मॉडल का हिस्सा है। इसका मतलब है कि नारायण हृदयालय अपनी सर्विस का विस्तार तो कर रही है, लेकिन अस्पताल बनाने या जमीन खरीदने में भारी पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कंपनी के पास अस्पताल चलाने का अधिकार होगा, लेकिन मालिकाना हक या जमीन के लीज राइट्स पर उसका कोई अधिकार नहीं होगा।
12 महीने का टारगेट
कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू करने के लिए कंपनी ने 12 महीने का समय तय किया है। हालांकि, कामकाज शुरू होना कुछ शर्तों (Conditions Precedent) के पूरा होने पर निर्भर करेगा। निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि क्या ये शर्तें समय पर पूरी हो पाती हैं या नहीं, क्योंकि इसी पर भविष्य में रेवेन्यू आना शुरू होगा।
