Narayana Hrudayalaya Limited को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, NH Integrated Care Private Limited से 'क्लीनिकल सर्विसेज' कारोबार को अपने में मिलाने के लिए NCLT की मंजूरी मिल गई है। यह पुनर्गठन **1 अप्रैल, 2025** से प्रभावी होगा।
क्या है पूरा मामला?
NCLT की बेंगलुरु बेंच ने 30 अक्टूबर, 2026 को NH Integrated Care Private Limited और Narayana Hrudayalaya Limited के बीच योजना को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत बेंगलुरु और होसुर में स्थित 10 क्लीनिकों का कारोबार अब सीधे तौर पर पैरेंट कंपनी Narayana Hrudayalaya के अधीन आ जाएगा।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
यह कदम कंपनी के ऑपरेशनल रियलअलाइनमेंट का हिस्सा है। चूंकि यह एक पूर्ण स्वामित्व वाली (wholly-owned) सब्सिडियरी है, इसलिए इस विलय का शेयरहोल्डिंग पैटर्न पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। इसमें कोई नए शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं, जिसका मतलब है कि निवेशकों के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का कोई रिस्क नहीं है। कंपनी का कैपिटल स्ट्रक्चर पहले जैसा ही बना रहेगा।
रेगुलेटरी और कंप्लायंस अपडेट्स
प्रक्रिया के दौरान, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि पैरेंट एंटिटी में किसी भी व्यक्ति की बहुमत हिस्सेदारी नहीं है। इसके अलावा, कंपनी ने टैक्स देनदारियों और MSME पेमेंट प्रोटोकॉल का पालन करने की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन को भी नए बिजनेस के लिए उपयुक्त माना गया है।
आगे क्या होगा?
इस योजना के लिए 1 अप्रैल, 2025 की तारीख तय की गई है। जैसे ही NCLT का प्रमाणित आदेश रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (ROC) के पास जमा होगा, यह प्रक्रिया पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगी।
