हाल ही में लिस्ट हुई Molbio Diagnostics ने जून तिमाही के लिए **₹58.75 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर घाटे से मुनाफे में आकर जबरदस्त टर्नअराउंड दिखाया है, हालांकि पिछली तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू में कमी देखी गई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा
17 अगस्त, 2026 को बाजार में डेब्यू करने वाली Molbio Diagnostics ने अपने पहले तिमाही नतीजों में दम दिखाया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹408.38 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में महज ₹99.71 करोड़ था। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹58.75 करोड़ रहा, जबकि जून 2025 की तिमाही में कंपनी को ₹23.71 करोड़ का नुकसान हुआ था।
निवेशक क्यों हैं सतर्क?
सालाना आधार पर ग्रोथ शानदार है, लेकिन तिमाही-दर-तिमाही (Sequential) तुलना करने पर तस्वीर थोड़ी अलग है। मार्च 2026 में कंपनी का रेवेन्यू ₹560.62 करोड़ और प्रॉफिट ₹90.83 करोड़ था, जिससे यह साफ है कि पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है।
टैक्स विवाद की क्या है स्थिति?
कंपनी के सिर पर एक टैक्स विवाद का साया भी है। Molbio Diagnostics को ₹20.87 करोड़ की टैक्स डिमांड का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें असेसमेंट इयर 2020-21 से 2024-25 तक का जुर्माना और ब्याज शामिल है। कंपनी ने इसके खिलाफ कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स के पास अपील की है और दावा किया है कि इस समय किसी भी तरह के वित्तीय समायोजन (financial adjustment) की जरूरत नहीं है।
बोर्ड में नए बदलाव
SEBI के नियमों का पालन करने के लिए बोर्ड ने सीनियर मैनेजमेंट को अधिकृत किया है। इसमें CEO श्रीराम नटराजन, CTO चंद्रशेखर नायर, CFO मानन बिमल खोखानी और CS दर्शन कारेकर शामिल हैं, जो अब कंपनी के कॉर्पोरेट डिस्क्लोजर को संभालेंगे।
