Mercury Laboratories के FY26 के नतीजे
Mercury Laboratories Limited ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने ऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹4.83 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹3.14 करोड़ की तुलना में 54% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी थोड़ा बढ़कर ₹75.94 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹75.10 करोड़ था।
शेयरधारकों को मिलेगा बंपर डिविडेंड
कंपनी के बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए 35% का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है, जिसका मतलब है कि प्रति शेयर ₹3.50 का भुगतान किया जाएगा। कंपनी के ऑडिटर, M/s Naresh & Co., ने भी वित्तीय बयानों पर एक अनमॉडिफाइड (unmodified) ओपिनियन दिया है, जो नतीजों की विश्वसनीयता को बढ़ाता है।
नतीजों के मायने
मुनाफे में यह शानदार बढ़ोतरी कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्रॉफिटेबिलिटी को दिखाती है। 35% का डिविडेंड ऐलान शेयरधारकों के लिए रिटर्न का एक सीधा जरिया है और यह कंपनी के अपने फाइनेंशियल हेल्थ में विश्वास को दर्शाता है।
लेबर कोड का असर
इस साल कंपनी को नए लेबर कोड के लागू होने के कारण कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इन कोड्स की वजह से ग्रेच्युटी और लीव लायबिलिटी के लिए अतिरिक्त प्रोविजन के तौर पर ₹-0.39 करोड़ का एक एक्सेप्शनल आइटम दर्ज किया गया।
आगे क्या?
अगर आप शेयरहोल्डर हैं, तो 21 सितंबर, 2026 तक शेयर होल्ड करने पर आप इस फाइनल डिविडेंड के हकदार होंगे। कंपनी के नतीजे यह बताते हैं कि वह प्रॉफिटेबल ग्रोथ पर फोकस बनाए हुए है। शेयरधारकों के लिए 28 सितंबर, 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) एक अहम इवेंट होगी।
किन जोखिमों पर रखें नजर?
सबसे बड़ा ध्यान नए लेबर कोड के लागू होने के असर पर रहेगा। कंपनी ने प्रोविजन कर लिए हैं, लेकिन जैसे-जैसे राज्य-विशिष्ट नियम फाइनल होंगे, भविष्य में कुछ और एडजस्टमेंट की जरूरत पड़ सकती है, जिससे प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है।
अहम आंकड़े:
- नेट प्रॉफिट: FY26 में ₹4.83 करोड़ (FY25 में ₹3.14 करोड़)
- रेवेन्यू: FY26 में ₹75.94 करोड़ (FY25 में ₹75.10 करोड़)
- बेसिक ईपीएस (EPS): FY26 में ₹40.28 (FY25 में ₹26.21)
- डिविडेंड: FY26 के लिए 35% की सिफारिश
- रिकॉर्ड डेट: 21 सितंबर, 2026
- एजीएम (AGM) डेट: 28 सितंबर, 2026
